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शराब की दुकान खोलने के विरोध में धरने पर बैठे लोग
– फोटो : अनिल कुमार
विस्तार
कठुआ शहर के मुख्य मार्ग पर शहीदी चौक के पास तीसरी शराब की दुकान खोले जाने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके विरोध में लोग गुरुवार रात आठ बजे से ही धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार तड़के सुबह एक बार फिर लोग शराब की दुकान के बाहर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वहीं, एडीसी से लिखित आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने धरना स्थगित कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शहीदी चौक में सौ मीटर के दायरे में पहले ही दो शराब की दुकानें हैं। गुरुवार रात करीब आठ बजे शहर के वार्ड नंबर एक और पांच के लोग सड़क पर उतर आए और धरना शुरू कर प्रदेश शासन व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक घंटे तक मौके पर कोई भी वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा जिसके बाद लोगों का आक्रोश बढ़ गया। नगर परिषद के प्रधान के मौके पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने शराब की दुकान को बंद करवाने का प्रयास किया।
इसी बीच बचाव करने पहुंची पुलिस और शराब की दुकान के समर्थकों के साथ प्रदर्शनकारियों की धक्का मुक्की भी हुई। महिला प्रदर्शनकारियों ने पत्थरों से शराब की दोनों दुकानों के शटर को तोड़ने का प्रयास किया। लोगों की मांग है कि दोनों दुकानों को तत्काल शहर के इस व्यस्त चौक और रिहायशी इलाके से बाहर खोला जाए। रात आठ बजे के लगभग शराब की नई दुकान में माल भरे जाने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते स्थानीय नेताओं ने भी कमान संभाली।
वार्ड पांच के पार्षद अशोक कुमार के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के नेता रॉबिन शर्मा के बाद नगर परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने भी दुकान का खुलकर विरोध कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने जबरन दुकान को बंद करवाने का प्रयास किया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए तहसीलदार विक्रम कुमार और डीएसपी मंजीत सिंह मौके पर पहुंचे। लोग डीसी और एसएसपी के मौके पर आने और दुकान से शराब को निकालने की मांग को लेकर देर रात तक अड़े रहे। उधर, इस दौरान यातायात प्रभावित रहा। ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया।
बड़ी संख्या में सड़क पर उतरी महिलाएं, बुजुर्ग और युवा के द्वारा मार्ग को जाम किए जाने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। धरने पर बैठे वार्ड 5 के पार्षद अशोक शर्मा ने बताया कि शहीदी चौक से बाजार को जाने वाले मार्ग पर सौ मीटर के दायरे में पहले ही शराब की दो दुकानें हैं। इसके बाद एक और नई दुकान खोली जा रही है। गत दिवस भी प्रदर्शन कर प्रशासन को चेताया था, लेकिन वीरवार शाम को शराब की दुकान खोली जा रही थी। इस कारण उन्हें मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ा है।
नगर परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बब्बी ने कहा कि किसी स्थानीय जनप्रतिनिधि से शराब की दुकानों को खोले जाने के संबंध में एनओसी नहीं ली गई है। लिहाजा लोगों के साथ हैं।
प्रदर्शनकारियों में शामिल आम आदमी पार्टी के नेता राबिन शर्मा ने कहा कि सरकार के पास युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अलबत्ता उन्हें नशे की ओर धकेला जा रहा है। हालत यह है कि जगह-जगह खोली जाने वाली इन शराब की दुकानों के लिए लोगों की जनभावनाओं का भी ख्याल नही रखा जा रहा है। अगर इसी तरह से शराब की दुकाने खोली जाती रही तो आने वाले दिनों में यहां से उनकी बहन-बेटियों का निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।
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