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एसटीएफ ने 2 नशीली दवाओं के तस्करों को दबोचा।
– फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर शहर से तस्करी करके नेपाल ले जाए जा रहे प्रतिबंधित नशीली इंजेक्शन की खेप को बृहस्पतिवार की रात एक बार फिर एसटीएफ ने पकड़ा। दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से साउंड बॉक्स में छिपाकर रखे गए 4270 नशीले इंजेक्शन को बरामद कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में केस दर्ज कर लिया गया।
पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। हालांकि, इस तरह के तस्करी के मामले पहले भी पकड़े गए है, लेकिन पुलिस तह तक नहीं पहुंच पाती है। जबकि, इस प्रतिबंधित इंजेक्शनों को बेचने का लाइसेंस चंद दवा व्यापारियों के पास ही है। बताया जा रहा है कि दस रुपये में ही इस इंजेक्शन का इस्तेमाल कर नशेड़ी महंगे ब्राउन शुगर और ड्रग्स जैसे नशे में डूब जाते हैं।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुलरिहा के वार्ड नंबर 6 निवासी सरफराज उर्फ बाबू और समीर अहमद के रूप में हुई है। सरफराज मूल रूप से बलिया के बेल्थरा रोड का निवासी है और नेपाल के बर्दिया में दवा की दुकान चलाता है। एसटीएफ गोरखपुर यूनिट प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात को मुखबिर से सूचना मिली कि दो लोग पुराना रेलवे स्टेशन चौकी के पास बस से आए है, उनके पास दवाएं हैं।
एसटीएफ ने कैंट पुलिस के साथ मिलकर आरोपियों को पकड़ा और पूछताछ में पकड़े गए समीर अहमद ने बताया कि उसके मित्र शिवम ने उसकी बात फोन पर भैया जी से कराई थी। भैया जी ने कहा कि तुम बिहार के रक्सौल व मोतिहारी चले जाओ वहां सद्दाम मिलेगा। वह एक साउंड बॉक्स देगा। उसे लाकर देने पर 50 हजार नेपाली करेंसी मिलेगा।
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