Uttarakhand: दो निरीक्षकों के भरोसे बिजली चोरी रोक रही UPCL की विजिलेंस टीम, विभाग में कई पद हैं खाली

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UPCL vigilance team stopping power theft on basis of only two inspectors many posts vacant

बिजली चोरी
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में बिजली चोरी पकड़ने और इसे रोकने के लिए कितनी गंभीरता बरती जा रही है, उसका पता यूपीसीएल की विजिलेंस टीम से चलता है। नियमों के हिसाब से यहां पुलिस का स्टाफ तैनात होना चाहिए लेकिन इसके नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। हालात ये हैं कि यूपीसीएल के अधिकारी और कर्मचारी अपने रिस्क पर बिजली चोरी पकड़ने क्षेत्रों में जाते हैं।

प्रदेश में बिजली चोरी की वजह से हर साल यूपीसीएल को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। हाल ही में विजिलेंस के सालाना आंकड़ों में यह तथ्य भी सामने आया था कि हरिद्वार जिले में सबसे ज्यादा बिजली चोरी की जा रही है। यहां बिजली चोरी इसीलिए ज्यादा हो रही है कि कटिया डाल रहे लोगों को क्षेत्रों में जाकर पकड़ना विजिलेंस के लिए मुश्किल काम है। दरअसल, बात यह है कि विजिलेंस टीम में एक भी पुलिस स्टाफ नहीं है। कई साल से यूपीसीएल की विजिलेंस टीम बिना दरोगा के ही चल रही है। पुलिस विभाग यहां केवल खानापूर्ति के नाम पर स्टाफ भेज रहा है।

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यूपीसीएल विजिलेंस की जिम्मेदारी आईपीएफ अफसर जन्मेजय खंडूरी के पास है। वर्तमान में इस विजिलेंस टीम में दो इंस्पेक्टर तैनात हैं। सब-इंस्पेक्टर के सभी चार पद खाली पड़े हैं। लंबे समय से कोई सब-इंस्पेक्टर ही नहीं मिला। डिप्टी एसपी का एक पद खाली है। यूपीसीएल विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने विभाग को कई बार पत्र भेजकर आठ होमगार्ड की मांग रखी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र दौरे के समय अगर होमगार्ड वर्दी में साथ होंगे तो बिजली चोरी पकड़ते समय ग्रामीणों के हमले कम होंगे।

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