[ad_1]

लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
परवाणू से शिमला तक फोरलेन में स्कूलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। साथ ही फोरलेन के किनारे पैदल चलने वालों के लिए मार्ग भी बनाया जाएगा, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न आए। यह बात लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि परवाणू से ढली फोरलेन के तहत उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान अधिकारियों ने चंबाघाट में बनने वाले फ्लाई ओवर को अक्तूबर तक पूरा करने का समय दिया है। साथ ही कंडाघाट में बनने वाली टनल की भी अब अलाइनमेंट नहीं बदली जाएगी, बल्कि इसकी लंबाई को अब बढ़ा दिया गया है। कुमारहट्टी में बने फ्लाई ओवर के साथ सर्विस लेन बनाया जाएगा। साथ ही यहां से नाहन सड़क के लिए भी एक स्लिप रोड़ का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके पास शिकायतें आई थीं कि एनएचएआई की कटिंग से जगह-जगह लोगों का व्यवसाय खराब हो रहा है। ऐसे में उन्होंने अब एनएचएआई के अधिकारियों को बॉक्स कटिंग करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों का व्यवसाय प्रभावित न हो। कैथलीघाट से शकराल फोरलेन के बीच फोरलेन के तीसरे चरण का कार्य शुरू हो चुका है। वहीं, शकराल से ढली के बीच कार्य के टेंडर भी जल्द अलॉट किए जाएंगे। वह हर तीन माह में कार्यों की समीक्षा बैठक लेंगे, ताकि उन्हें पता चल सके कि कार्य किस प्रोग्रेस से चल रहा है।
मंत्री विक्रमादित्य की ‘कैबिनेट रैंक हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता’ पोस्ट वायरल
वहीं, लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट वायरल हो गई है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार रात को फेसबुक पर पोस्ट डालते हुए लिखा कि कैबिनेट रैंक हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता। लोगों के दिलों में नंबर वन रैंक हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। मंत्री की इस सोशल मीडिया पोस्ट के कई मायने निकाले जा रहे हैं। छह बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद प्रतिभा सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह के सोशल मीडिया पर लाखों फाॅलोअर हैं। विक्रमादित्य की हर पोस्ट पर हजारों लाइक और कमेंट आते हैं। सोमवार रात को विक्रमादित्य सिंह की ओर से डाली गई पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा है कि विक्रमादित्य सिंह किसी पद के मोहताज नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की राजनीतिक विरासत को वे बखूबी आगे बढ़ा रहे हैं।
[ad_2]
Source link