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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार पुलिस का इकबाल इतना ही बुलंद है कि अपराधी ऑटो लेकर घूम रहे हैं! कथित तौर पर पुलिस वेरीफिकेशन कर ही ऑटो-टेम्पो किसी रूट पर निकलते हैं। लेकिन, सच यही है कि पुलिस का इकबाल पटना शहर में भी धूल फांक रहा है। मगर, खबर इतनी ही नहीं है। खबर एक चेतावनी है। अगर पटना जंक्शन से शेयरिंग ऑटो लेते हैं तो कितना खतरा रहता है और कैसे इसे कम किया जा सकता है, यह जानने के लिए पहले शनिवार और रविवार की दो घटनाओं को जान लीजिए।
पहली घटना आज की -चालक समेत चार थे, झांसे से लूट
घटना सुबह 5: 43 की है, जब रंजना सिंह और उनके पति मणि प्रसाद सिंह धनबाद से पटना आईं। जंक्शन से बाहर निकलते ही वह कुर्जी जाने के लिए टेम्पू खोजने लगीं, तभी पुल के नीचे (जहां फूल की दुकान लगती है), एक शख्स आया और उसने आगे जीपीओ गोलम्बर की ओर बस मिलने की बात कहकर उन्हें आगे बढ़ा दिया। कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद पीछे से एक हरे रंग का एक छोटा टेम्पू आया और कुर्जी-कुर्जी कहने लगा। रंजना सिंह और मणि प्रसाद के पास तीन बैग था, जिसे टेम्पू में रखकर उसमें दोनों सवार हो गए।
पहले से चार लोग बैठे थे टेम्पू में
ग्राहक को लूटना कैसे है?, इस खेल को समझिये। टेम्पू में पहले से तीन लोग सवार थे। एक चालक के बगल में बैठा था तो दूसरा और तीसरा पीछे वाली सीट पर। मणि प्रसाद को बायीं तरफ से किनारे में बैठाया और रंजना सिंह को भी पीछे बायीं तरफ बैठाया। जैसे ही टेम्पू आर ब्लॉक से आगे बढ़कर अटल पथ की ओर बढ़ा, टेम्पू चालक ने टेम्पू को रोक दिया और मणि प्रसाद सिंह को टेम्पू पर से यह कहकर उतार दिया कि आगे चढ़ान है इस वजह से थोड़ी परेशानी होगी। इस क्रम में आगे बैठे शख्स ने उनका सामान टेम्पू से बाहर फेंक दिया और फिर टेम्पू आगे बढ़ गया।
अब बारी चेन छिनने की
टेम्पू के आगे बढ़ते ही रंजना सिंह ने इस हरकत पर आपत्ति जताई तो पीछे शख्स ने उनका चेन पीछे से खींच लिया। तब तक टेम्पू उस जगह से करीब 200 मीटर आगे बढ़ चुकी थी। चेन छिनतई के बाद टेम्पू फिर रुका और रंजना सिंह को जबरन धक्का देते हुए टेम्पू से नीचे गिराते हुए बहुत तेजी से अटल पथ की ओर फरार हो गया।
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