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बाबा का दिव्य दरबार कैंसिल होने से VIP पर्ची भी अधूरी रह गई।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाबा के पास पर्ची के जरिए अर्जी का कितना प्रभाव है, यह पहले से सीधा अनुभव रखने वाले सही-सही जानते होंगे। लेकिन, बिहार समेत आसपास के राज्यों और नेपाल तक से आए श्रद्धालु इस पर्ची-अर्जी कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। राज्य के कई हिस्सों में देर रात मौसम बदला है। सोमवार सुबह पटना का भी मौसम बदल जाए तो संभव है कि यह कार्यक्रम हो भी जाए। लेकिन, अबतक की भीड़-गर्मी ने तो इसकी संभावना खत्म कर दी है। ऐसे में अर्जी की आस अधूरी रह गई। इस आस में वीआईपी अर्जी भी किनारे पड़ी रह गई।
कतार में सशरीर से लेकर वर्चुअल अर्जी तक
रविवार की शाम कथा के दौरान ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने कथा के दौरान दिव्य दरबार और पर्ची कार्यक्रम रद्द करने की आशंका जताई थी। इसके बाद देर रात आयोजन समिति द्वारा भीड़-गर्मी को देखते हुए इसे कैंसिल कर दिया गया लेकिन हनुमंत कथा जारी रहने की बात कही गई। पर्ची कार्यक्रम कैसिंल होने से दिव्य दरबार में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं में निराशा है। सोमवार देर रात अमर उजाला ने कुछ श्रद्धालु से बातचीत की तो पता चला सशरीर पर्ची की अर्जी लगाने वालों में कोई नेपाल से आया था तो कोई बंगाल। कोई उत्तर प्रदेश से आया था तो कोई उड़ीसा और झारखंड। यह पिछले दो-तीन दिन से बाबा के दरबार में पर्ची कार्यक्रम का भी इंतजार कर रहे थे। इतना ही नहीं रविवार सुबह लालू प्रसाद यादव की बेटी और तेज प्रताप यादव की बहन रोहिणी आचार्या ने भी पर्ची की अर्जी लगाई गई। हालांकि, उन्होंने यह अर्जी सोशल मीडिया से लगाई थी। रोहिणी ने लिखा था, “पर्ची वाले बाबा से यहीं हमारी विनती है- बिहार के विशेष राज्य के दर्जे की मांग हमारी करनी पूर्ति है।”
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