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जीएमसी जम्मू
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जीएमसी जम्मू के यूजी हॉस्टल में छात्रों में मारपीट की घटना के बाद 10 छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित करने के साथ ही जीएमसी प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। वार्डनों की ओर से घटना से जुड़ी रिपोर्ट अनुशासन समिति को भेजी है और समिति सात दिन के भीतर जांच पूरी करेगी। हॉस्टल में सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए चौबीस घंटे आठ अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों के साथ सुरक्षा सुपरवाइजर तैनात किया है।
वरिष्ठ एचओडी व संकाय सदस्यों के सात-सात सदस्यों के दो समूह बनाए हैं जो अगले चार दिन सुबह 8 से 10 बजे तक छात्रों से बात करेंगे। एसएसपी से सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती करने की भी मांग की गई है। घटनाक्रम को लेकर एचओडी और वार्डन के अलावा चीफ प्रोवोस्ट ने भी प्रभावित छात्रों से बात की।
घटना फिल्म केरल स्टोरी से जुड़ी होने के चलते इस पर राजनीति गर्म हो गई। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने घटना के लिए भाजपा की सांप्रदायिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया तो वहीं नेकां के उपाध्यक्ष व जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीरी छात्रों को वेबजह निशाना बनाया जा रहा है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जीएमसी की घटना पर टिप्पणी करते लिखा-यह चौंकाने वाला है कि भारत सरकार सांप्रदायिक आग भड़काने वाली फिल्मों के माध्यम से हिंसा को प्रोत्साहन दे रही है। चुनावी लाभ के लिए भाजपा निर्दोष लोगों का खून बहाने से भी पीछे नहीं हटती है। उपराज्यपाल प्रशासन से अनुरोध है कि घटना पर कड़ा संज्ञान लें और आरोपियों को को दंडित करवाएं।
नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू में कश्मीरी छात्रों को निशाना बना रहे गुंडा तत्वों की बहुत ही व्यथित करने वाली तस्वीरें हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस को इसका संज्ञान लेना चाहिए और जिम्मेदारों को कानून के दायरे में लाना चाहिए। उपराज्यपाल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मामले को समयबद्ध तरीके से हल किया जाए। छात्रों को आश्वस्त किया जाए कि राजनीति के बदले उनकी सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष विलक्षण सिंह ने एमबीबीएस छात्रों से मारपीट की घटना में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है।
आज बुलाई बैठक, जुटाए जाएंगे सबूत
जीएमसी जम्मू की एंटी रैगिंग व अनुशासनिक समिति ने मंगलवार की शाम तीन बजे कॉलेज में समिति की बैठक बुलाई है। इसमें यूजी हॉस्टल में छात्रों से मारपीट की घटना के सबूत जुटाए जाएंगे। इसमें घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, वायरल सोशल मीडिया फुटेज, वार्डन के बयान आदि शामिल होंगे। समिति में कई प्रिंसिपल, एचओडी सहित 12 सदस्य मौजूद रहेंगे। समिति की ओर से घटना से संबंधित छात्रों को फोन करके बुधवार को बुलाया जा सकता है, जिसमें उनके बयान लिए जाएंगे।
घायल हसीब ने बताया कि बीती रात कमरे में खाना खा रहा था। शोर सुन बाहर आया, तो छात्रों ने झड़प की। धक्कामुक्की हुई और मैं बाहर चला गया, मेरे होंठों पर चोट आई थी। मैं बाथरूम से एक तरफ खड़ा था, तभी किसी ने बिजली काट दी और अंधेरे में मेरे सिर पर ताला, कड़ा या अन्य कोई चीज से हमला कर दिया। इससे पहले भी कई बार बाहरी लोग हॉस्टल में आकर छात्रों पर हमला कर चुके हैं। मेरे साथ रैगिंग भी हुई थी। 2021 में भी इन्हीं छात्रों ने मारपीट की थी। वहीं, घायल होने वालों में हसीब (23) निवासी भद्रवाह, अरुनेश निवासी उधमपुर (23), अक्षित (21) निवासी बिलावर, अनिकेत (22) निवासी उधमपुर और उमर फारूक (22) निवासी बडगाम शामिल हैं।
एसोसिएशन ने कहा-एसएसपी करें हस्तक्षेप
जेएंडके स्टूडेंट एसोसिएशन के अनुसार उन्हें जीएमसी जम्मू से फोन पर जानकारी दी गई कि किसी मुद्दे को लेकर हुई भिड़ंत में कई कश्मीरी छात्र घायल हुए हैं। हम एसएसपी जम्मू से तत्काल हस्तक्षेप करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग करते हैं।
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