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इलाहाबाद हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ प्रयागराज को ग्रुप डी के पदों पर याचियों को भर्ती करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक अनुमानित राय के आधार पर याचियों का चयन निरस्त किया गया था। जो सही नहीं था। यह निर्णय प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ था। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार चतुर्थ ने विजय पाल व 22 अन्य की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
कोर्ट ने कहा कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के अंगूठे का निशान लिए गए थे। वीडियोग्राफी भी कराई थी। यह दायित्व भर्ती प्रकोष्ठ का था कि वह अभ्यर्थियों की पहचान के लिए उनसे कोई परिचय पत्र लेता। वह यह नहीं कह सकता कि अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया। क्योंकि, उसके पास अनुमानित राय के अलावा कोई अन्य प्रमाण नहीं है, जो उसके दावे को संदेह से परे साबित करे।
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