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हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह और उसके साथियों के बारे में जानकारी देते एसपीसीडी कृष्ण कुमार विश्नोई व अन्य।
– फोटो : अमर उजाला।
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जिला अस्पताल व अन्य सरकारी अस्पतालों के बाहर से एंबुलेंस संचालकों की मदद से मरीजों को निजी नर्सिंग होम पहुंचाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बृहस्पतिवार को हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी विशाल सिंह ने पुलिस के दबाव में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपियों के खिलाफ रामगढ़ताल थाने में तोड़फोड़, डकैती, रंगदारी मांगने की धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी थी। इनमें सूरज सिंह पर 25 और राहुल शर्मा पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बेलघाट के सोपाई घाट निवासी सूरज सिंह, सिकरीगंज के गाई बेला निवासी राहुल शर्मा, कोतवाली के मेवातीपुर निवासी विकास मणि त्रिपाठी और कजाकपुर निवासी दीपू उपाध्याय के रूप में हुई है। सूरज सिंह और राहुल शर्मा हिस्ट्रीशीटर हैं। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई व सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने पुलिस लाइंस में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी।
एसपी सिटी ने बताया कि 11 मई की रात में तारामंडल स्थित शानवी नर्सिंग होम में रंगदारी न मिलने पर हिस्ट्रीशीटर सूरज सिंह ने अपने साथियों संग मिलकर तोड़फोड़ की थी और काउंटर से दो हजार रुपये उठा ले गए थे। आरोपियों की संख्या के आधार पर पुलिस लूट को डकैती में बदलकर आरोपियों की तलाश में लगी थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने सूरज सिंह पर 25 हजार रुपया, विशाल और विनय यादव पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के दौरान पुलिस ने एक शरणदाता बीडीसी मानवेंद्र सिंह को जेल भेजा था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि विशाल सिंह कोर्ट में हाजिर हो गया। फरार विनय यादव की तलाश में पुलिस टीम लगी है।
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