जम्मू-कश्मीर:आईआईएम के दीक्षांत समारोह में चार को पदक, 259 को मिली डिग्री..छात्रों के चेहरे खिले

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jammu kashmir: Four gold medals, 259 degrees at IIM Jammu's convocation

आईआईएम जम्मू में दीक्षांत समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व अन्य
– फोटो : ANI

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भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू में शुक्रवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन केनाल रोड स्थित कन्वेंशन सेंटर में किया गया। केंद्र सरकार के शिक्षा और कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मौजूद रहे।

इस दौरान एमबीए और ईएमबीए के चार पदक देकर शिक्षा मंत्री ने पुरस्कृत किया। मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) के 232 और एग्जीक्यूटिव मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (ईएमबीए) के पहले बैच के 27 छात्रों को डिग्री वितरित की गई।

आईआईएम जम्मू और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। अभिभावकों के साथ छात्र विभिन्न राज्यों से से कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे। मेडल व डिग्री लेकर छात्रों के चेहरे हंसते-खिलते नजर आए।अधिकांश छात्र अभी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं।

छात्रों ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान कड़ी मेहनत कर श्रेष्ठ स्थान प्राप्त किए हैं। विभिन्न कंपनियों में निदेशक आदि के पद पर सेवाएं दे रहे हैं तो कुछ बैंक कर्मी बन चुके हैं। छात्रों ने कहा कि उन्हें पहले बिजनेस या अन्य पाठ्यक्रमों की कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन शिक्षकों ने उनका मार्गदर्शन कर उन्हें आगे बढ़ाया है।

छात्र अनिरुद्ध कौशिक ने कहा कि वह चेन्नई के रहने वाले हैं। शिक्षा मंत्री व अन्य गणमान्यों के हाथों से स्वर्ण पदक प्राप्त करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वह खुश है। एमबीए करते ही कंपनी में निदेशक की नौकरी लगी है। शिक्षकों ने नवाचार आदि के बारे में अच्छा मार्गदर्शन किया है।

छात्रा समिति प्रियादर्शनी ने कहा कि वह बीसीजी कंपनी में निदेशक बनी हैं। दो साल प्रदेश में पढ़ाई करने से उन्हें कई कुछ प्राप्त हुई है। इसकी बदौलत वह अभी अच्छे स्थान पर कार्यरत हैं। इस सफलता का श्रेय अभिभावकों और शिक्षकों को हैं। उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर बेहतरीन करियर बनाने में सहयोग किया है।

छात्र निखिल बनियाल ने कहा कि उन्हें कांस्य पदक प्राप्त हुआ है। अभी कंपनी में निदेशक हैं। आईआईएम से इस साल मार्च में एमबीए में स्नातक की डिग्री पूरी की है। पढ़ाई में शिक्षकों ने काफी मदद की। जीवन में सफल होने के लिए जो करने की जरूरत थी। उसका पूरा मूल मंत्र दिया है।

संयम सहदेव ने कहा कि वह भी कंपनी में निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें इस समारोह में रजत पदक प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि इस बात की अभिभावकों को भी खुशी है कि वह नौकरी से अवकाश लेकर समारोह में आए हैं।

उन्होंने कहा कि वह मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले हैं। जब संस्थान में आए थे तो व्यवसायिक क्षेत्र के बारे में बिल्कुल ज्ञान नहीं था। शिक्षकों ने हर एक मुश्किल को आसान बनाकर सपनों की उड़ान भरवाई।

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