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बस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : file photo
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देहरादून संभाग के अंतर्गत आने वाले 84 पर्वतीय रूटों अब निजी बसों के साथ ही भार वाहन भी चल सकेंगे। संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अभी तक इन रूटों पर सिर्फ रोडवेज की बसें ही चलती थीं। इससे लोगों के साथ ही व्यापारियों को फायदा मिलेगा।
मंगलवार को हुई संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में देहरादून संभाग में परिवहन सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में हर तरह के ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए नीति निर्धारित की गई। 84 नए पर्वतीय रूट पास करने के साथ ही सड़क सुरक्षा की दृष्टि से उत्तरकाशी, टिहरी और देहरादून के दुर्गम इलाकों में गति सीमा तय की गई।
सड़क की चौड़ाई और गाड़ी के प्रकार के आधार पर वाहनों की स्पीड तय की गई है। यह स्पीड 20 किमी. प्रति घंटे से लेकर 45 किमी. प्रति घंटे के बीच तय की गई है। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
ट्रैवल एजेंट बनने के लिए खुद के पांच वाहन जरूरी
आरटीए की बैठक में तय किया गया कि ट्रैवल एजेंटों को लाइसेंस देने के लिए परिवहन विभाग ही अधिकृत होगा। पहले बनी नियमावली को सख्त करते हुए इसके पालन के निर्देश दिए गए। फैसले के मुताबिक ट्रैवल एजेंट बनने के लिए खुद के पांच वाहन जरूरी हैं। अपनी गाड़ियां नहीं होने पर अन्य वाहन स्वामियों से लिखित करार कर उसकी प्रति उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा कई अन्य शर्तों को भी रखा गया है। अभी संभाग में केवल 30 पंजीकृत ट्रैवल एजेंट हैं।
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