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फर्जी राजवती और असली राजवती
– फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
भाजपा सांसद सतीश गौतम के रिश्तेदार होर्डिंग ठेकेदार मनोज गौतम व ओजोन सिटी ग्रुप के चेयरमैन प्रवीण मंगला के बीच जिस जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ है। उसमें नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी राजवती बनकर मनोज गौतम को जमीन का बैनामा करने वाली महिला सुमित्रा देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस के ऑपरेशन-420 के तहत की गई है। मनोज गौतम आदि के खिलाफ असल राजवती के बेटे द्वारा इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
यह मुकदमा प्रवीन मंगला पक्ष को अपने नाम पट्टे की जमीन का इकरानामा करने वाली महिला राजवती पत्नी महिपाल निवासी केला नगर के बेटे बिजेंद्र ने दर्ज कराया था। फरवरी में दर्ज मुकदमे में सांसद के रिश्तेदार मनोज गौतम, मूल रूप से दादनपुर हाथरस व घटना के समय ग्रेटर अपार्टमेंट रामघाट रोड निवासी सुशील राना, तिकोना नगला के कैलाश बघेल व महेंद्र नगर की राजवती पत्नी महीपाल को नामजद किया गया था।
धोखाधड़ी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत दर्ज मुकदमे में आरोप है कि उनकी मां के नाम जमीन का पट्टा असदपुर कयाम में था। भूमि प्रबंधन समिति के द्वारा जब इस जमीन की अदला-बदली हुई तो यह जमीन मां के नाम से गाटा नंबर 175 से 115/2 में आ गई। जिसके सहारे बाद में ओजोन सिटी बसी। इसी जमीन का इकरारनामा प्रवीन मंगला के नाम के जरिये ओजोन सिटी ग्रुप को किया।
चूंकि भूमि संक्रमणीय न थी, इसलिए उसका बैनामा नहीं हो सका। इसी बीच महेंद्र नगर की राजवती नाम की महिला ने खुद को उस भूमि का मालिक बताकर कोर्ट में दावा किया। दोनों ओर से मुकदमेबाजी के बीच 2020 में उसके खिलाफ अदालत से आदेश हुआ। बावजूद इसके उस राजवती ने फरवरी 2021 में उस भूमि का बैनामा मनोज गौतम के नाम कर दिया, जिसमें सुशील राना व केशव बघेल गवाह बने। जिसकी शिकायत राजस्व विभाग और व पुलिस में हुई। जांच में उसे फर्जी करार दिया गया। उसी आधार पर अधिकारियों को मुकदमे के लिए तहरीर दी गई, जिस पर यह मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचना में साक्ष्य संकलन के बाद गिरफ्तारी
इस मामले में विवेचना करते हुए महुआ खेड़ा पुलिस ने जांच में पाया कि जिस महिला ने बैनामा किया है, वह राजवती नहीं, बल्कि हाथरस के गांव दादनपुर की सुमित्रा देवी पत्नी अनिल कुमार है। उसी का फोटो बैनामाकर्ता के रूप में बैनामे पर अंकित है। उसका आधार कार्ड आदि भी पुलिस को मिला है। साथ में बैनामे में जिस खाते में भुगतान हुआ। वह खाता भी बैनामे के गवाह दादनपुर के ही सुशील राना का है। हालांकि बैनामे के कुछ दिन बाद सुशील की मौत हो गई।
मगर इन फोटो व बैंक खाते आदि के साक्ष्यों को आधार बनाकर पुलिस ने सुमित्रा को मंगलवार को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। जहां से 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। अब अन्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य संकलन किए जा रहे हैं। साथ में सुमित्रा के बैनामे में फिंगर प्रिंट व आंखों के मिलान के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में सांसद के रिश्तेदार ठेकेदार मनोज गौतम से बातचीत का प्रयास किया गया। मगर संपर्क नहीं हो सका।
इस मुकदमे में ऑपरेशन-420 के तहत जांच की गई तो साक्ष्यों में महिला का फर्जी तरीके पर बैनामा करने का आरोप पाया गया। इसी क्रम में फर्जी बैनामा करने वाली महिला को गिरफ्तार किया है, जिससे कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। अब आगे की विवेचना जारी है। गिरफ्तार महिला को जेल भेजा है।-पुनीत द्विवेदी, एएसपी/सीओ द्वितीय
इसी विवाद में सड़क निर्माण न होने देने का आरोप
ओजोन ग्रुप के चेयरमैन प्रवीण मंगला ने पिछले दिनों प्रेसवार्ता में सांसद पर सीधे आरोप लगाया था कि इसी विवाद में ओजोन सांगवान सिटी सड़क नहीं बनने दी जा रही है। जिस पर सांसद के रिश्तेदार मनोज गौतम ने पलटवार किया था और खुद का बैनामा सही बताया था।
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