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जम्मू विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह
– फोटो : अमर उजाला
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जम्मू विश्वविद्यालय का गुरुवार को दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य अतिथि हैं। इसके लिए विवि से लेकर शहर में सुरक्षा कड़ी की गई है। एक तरफ जहां विवि के चारों और छत से लेकर जमीन तक सुरक्षाबल तैनात हैं। वहीं ड्रोन से भी निगरानी होगी।
समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि इस विशेष दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर बहुत प्रसन्नता हो रही है। इस बात की खुशी है कि जम्मू विश्वविद्यालय स्थानीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है। विभिन्न संस्थानों के साथ 46 एमोयू साइन करना गर्व की बात है।
उन्होंने डोगरी भाषा में भारतीय संविधान का अनुवाद करने के लिए विश्वविद्यालय को बधाई दी। साथ ही डुग्गर दरपन कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने लैंड टू लैब और लैब टू लैंड कांसेप्ट की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत हो रहे बदलाव से विवि वीसी ने उन्हें अवगत करवाया है।
विश्वविद्यालय से जो सीखा, उसे वे समाज को वापिस सौंपे- उपराज्यपाल
वहीं, दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा विद्यार्थियों को चाहिए कि विश्वविद्यालय से जो सीखा है उसे वे समाज को वापिस सौंपे। समाज और देश की प्रगति में अपना योगदान दें।
एलजी ने कहा कि जम्मू विश्वविद्यालय ने कुछ ही सालों में बेहतर मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के हाथों में स्मार्ट फोन है। हर चीज से जुड़े ज्ञान को अर्जित करने में आसानी हो गई है। प्रौद्योगिकी के दौर का युवा बेहतरीन लाभ ले रहे हैं।
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि विश्वविद्यालयों को निर्णय लेना होगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समाज और मानव हित में कैसे प्रयोग करना है। आने वाले समय में वही शिक्षा मायने रखेगी, जो जीवन मूल्यों से संबंध रखेगी। उपराज्यपाल ने डिग्रीधारकों और मेडल धारकों के बेहतर भविष्य के लिए माता वैष्णो देवी से प्रार्थना की।
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