Bihar News : तीन राज्यों में 12 लाख वोट वाली पार्टी को विपक्षी बैठक में नहीं बुलाने की वजह मंत्री ने बताई

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patriotic democratic alliance of opposition party may not welcome aimim told after opposition meeting patna

बिहार के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत
– फोटो : अमर उजाला

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देशभर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) विरोधी दलों का 23 जून को पटना में जुटान हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बुलावे पर 15 दल विपक्षी एकता की बैठक में शामिल हुए। इनमें आम आदमी पाटी ने अध्यादेश को लेकर अपने साथ कांग्रेस के खड़े नहीं होने के विरोध में बाहर निकलने का फैसला ले लिया। आप के दोनों मुख्यमंत्री और उनके साथ आए दोनों नेता मीडिया के सामने नहीं आए। इस बैठक में देश के कई दलों ने नहीं आने का संकेत दिया तो कई को बुलावा नहीं मिला। 2019 के लोकसभा चुनाव में तीन राज्यों के अंदर 12 लाख वोट हासिल कर दो सीटें जीतने वाले और 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा-जदयू गठबंधन के खिलाफ पांच विधायक जीतने वाले दल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को बुलावा ही नहीं मिला। बुलावा नहीं भेजे जाने की वजह पूछे जाने पर बिहार के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को अमन-चैन का दुश्मन करार दिया।

बिहार में पांच विधायक जीते थे, चार छिन गए

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जनता दल यूनाईटेड (JDU) और भाजपा के गठबंधन के खिलाफ प्रत्याशी उतारते हुए पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। इनमें से चार विधायक बाद में तेजस्वी यादव के पास राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में चले गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार में 3.99 करोड़ वैध मतों में से AIMIM को 2.95 लाख वोट मिले थे। एआईएमआईएम ने महाराष्ट्र में एक और तेलंगाना में लोकसभा की एक-एक सीटें जीती थीं, हालांकि बिहार में लोकसभा चुनाव के दौरान इसने राजद के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाया था।

ओवैसी विदेश में थे, न्यौता भी नहीं गया पार्टी को

बिहार में विपक्षी एकता के नाम पर हो रहे जुटान के समय ‘अमर उजाला’ ने जानकारी सामने लायी थी कि महागठबंधन या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से ओवैसी की पार्टी को बुलावा नहीं मिला है। अब बैठक के बाद राजद विधायक और राज्य के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने कहा- “ओवैसी को तो पूरी दुनिया भाजपा के एजेंट के रूप में जानती है। उन्हें जिम्मेवारी मिली है कि मुसलमानों का वोट काटो। भाजपा को स्थापित करो। इसलिए ओवैसी की पार्टी को बुलाने का अर्थ नहीं था। इसके अलावा, इस बैठक में वही लोग निमंत्रित थे, जो देश में अमन-चैन चाहते हैं। भाजपा के लिए देश में नफरत की राजनीति करने वाले ओवैसी को इसी कारण नहीं बुलाया गया।”

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