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Amarnath Yatra 2023
– फोटो : अमर उजाला
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अमरनाथ यात्रा शुरू होने में दो दिन शेष रह गए हैं। देशभर से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। कश्मीर यात्रियों के स्वागत से अपने कश्मीरियत की पहचान को पूरी देश-दुनिया के सामने पेश करने के लिए तैयार बैठा है। स्थानीय मुस्लिम समुदाय भी बाबा भोले के भक्तों के स्वागत के लिए डट गया है।
घोड़े, टेंट संचालकों के साथ ही स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि भी यात्रियों के स्वागत के लिए पलक पांवडे बिछाए पड़े हैं। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार अमरनाथ यात्रियों के स्वागत में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी गई है। यहां से देश के विभिन्न हिस्से में जाने वाले श्रद्धालु ब्रांड अंबेस्डर बनकर जाएंगे।
कश्मीर में आधार शिविर बालटाल तथा नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के पास टेंट सिटी बस गई है। बालटाल में 18400 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। पिछले साल यहां 17200 लोगों को ठहराने का प्रबंध था। दोनों जगहों पर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डीआरडीओ अस्पताल खुल गए हैं, जहां 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
दोनों यात्रा रूट पर संचार व्यवस्था भी दुरुस्त कर दी गई है। 4जी की सुविधा मिलती रहेगी। जम्मू में ऑनलाइन पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया है। सुरक्षा अमला बेस कैंप के साथ ही यात्रा रूट पर तैनात कर दिया गया है। पिछली बार आई बाढ़ के बाद गुफा क्षेत्र के बाहर टेंट लगाने पर रोक लगा दी गई है।
बालटाल बेस कैंप के कैंप डायरेक्टर डॉ. राघव लंगर ने बताया कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। रहने से लेकर खाने-पीने, चिकित्सा, संचार आदि की पूरी व्यवस्था की गई है। टेंट सिटी बनकर तैयार है। लंगर संगठनों ने तैयारी कर ली है। पूरे यात्रा मार्ग में पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी यात्री को परेशान न होना पड़े।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड प्रशासन के अनुसार भोले भक्त बेफिक्र होकर आएं। उनकी सुरक्षा से लेकर खाने पीने, रहने तथा अन्य सुविधाओं का व्यापक प्रबंध किया गया है। जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर (कठुआ) में अमरनाथ यात्रियों के स्वागत का व्यापक प्रबंध किया गया है। पहला आधार शिविर जम्मू के भगवती नगर को सुरक्षा बलों ने घेरे में ले लिया है।
यहां से बाबा के भक्तों का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा में 30 जून की सुबह रवाना होगा। यह जत्थे देर शाम तक बालटाल तथा नुनवान बेस कैंप में पहुंच जाएंगे, जहां से पहली जुलाई को औपचारिक रूप से यात्रा की शुरूआत होगी। कड़ी सुरक्षा में यात्रियों का जत्था बेस कैंप के लिए रवाना होगा।
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