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सर्व सेवा संघ को बचाने के लिए धरना शुरू
– फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ को बचाने के लिए गांधीवादी विचारक और बुद्धिजीवियों ने शुक्रवार सुबह से धरना शुरू कर दिया। महात्मा गांधी, विनोबा भावे और जयप्रकाश नारायण की विरासत को बचाने के लिए दिनभर धरना प्रदर्शन चलता रहा। हालांकि, रेलवे का ध्वस्तीकरण दस्ता और बुलडोजर सर्वसेवा संघ के भवनों को गिराने नहीं पहुंचा। देश भर से पहुंचे लोगों ने शासन, प्रशासन और रेलवे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एक तरफ शुक्रवार सुबह बारिश हो रही थी, दूसरी तरफ राजघाट के सर्वसेवा संघ परिसर में गतिविधियां तेज हो गईं। सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सर्वसेवा संघ भवन को ध्वस्त करने के विरोध में जुटे सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, लोकतंत्र सेनानी और गांधीवादी प्रवेश द्वार पर ही धरने पर बैठ गए।
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शासन और प्रशासन पर मनमानी का आरोप
लोकतंत्र सेनानी राम धीरज के नेतृत्व में सभी ने विरोध मार्च निकालकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि जमीन की रजिस्ट्री और डीड पेपर होने के बाद भी शासन और प्रशासन मनमानी कर रहे हैं। वह किसी भी कीमत पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, विनोबा भावे और जयप्रकाश नारायण की विरासत को जमींदोज नहीं होने देंगे। शासन व प्रशासन के बुलडोजर का मुंह बापू के अहिंसा के हथियार से दिल्ली की ओर मोड़ देंगे।
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