Bihar : सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी पत्नी, ज्योति मौर्या केस के बाद पति ने इस कारण छुड़वा दी पढ़ाई

[ad_1]

Bihar : After Jyoti Maurya case, husband got his wife released from studies, PCS officer, civil service exam

सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार


बक्सर से एक चौंकाने वाला के सामने आया है। यूपी की पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या केस के कारण एक पति अपनी पत्नी को शक की नजर से देखने लगा। अंत में ऐसा हुआ कि उसने अपनी पत्नी को प्रयागराज से बक्सर बुला लिया। दरअसल उसकी पत्नी प्रयागराज में रहकर सिविल सेवा की तैयारी कर रही थी और पीसीएस अफसर बनने का सपना देख रही थी। लेकिन, उसके पति पर ज्योति मौर्या केस का ऐसा प्रभाव पड़ा कि उसने अपनी पत्नी को वापस गांव बुला लिया। पत्नी ने अपने पति को काफी समझाने की कोशिश की। उसने कहा कि वह कभी कोई ऐसा काम नहीं करेगी। इसके बावजूद पति ने उसकी एक न सुनी। 

पुलिस ने भी समझाया कि हर पत्नी एक जैसी नहीं होती

यह मामला बक्सर जिले के चौगाई का है। परिवार और स्थानीय लोगों ने युवक पिंटू कुमार को सिंह को समझो की कोशिश की लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। अंत में महिला (खुशबू कुमारी) ने थाने में जाकर गुहार लगाई। थानेदार ने भी युवक को काफी समझाया बुझाया और कहा कि हर पत्नी एक जैसी नहीं होती है अगर वह सिविल सेवा की तैयारी करना चाहती है तो उसे करने दे। अधिकारी बनकर वह नाम रोशन ही करेगी। लेकिन, फिर भी मान नहीं रहा है। उसका कहना है ज्योति मौर्या की तथाकथित बेवफाई की कहानी सामने आने के बाद वह दहशत है। उसे डर है कि उसकी पत्नी भी अधिकारी बनने के बाद उसे न छोड़ दे। जैसा आलोक मौर्य के साथ हुआ,  कहीं उसके साथ भी न हो जाए। पिंटू ने बताया कि पेट्रोल पंप पर मैनेजर है। आर्थिक स्थिति उतनी नहीं रह गई कि पत्नी को परीक्षा की तैयारी करवा सकूं। 

2010 में हुई थी शादी, पति ने ही भेजा था परीक्षा की तैयारी करने

परिजनों कहना है कि खुशबू की शादी चौगाई के रहने वाले पिंटू सिंह से 2010 में हुई थी। तब वह इंटर पास थी। शादी के बाद ग्रेजुएशन किया फिर लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी में लग गई। ज्योति मौर्या केस से पहले उसके पति बिल्कुल ठीक थे। पढ़ाई जारी रखने में पूरा सहयोग दिया। रिजल्ट देने के लिए हमेशा प्रेरित करते रहते थे। लेकिन, अचानक क्या हो गया पता नहीं। खुशबू ने बताया कि पति को संदेह है कि मैं भी ज्योति मौर्या की तरह न बन जाऊं। मैंने उन्हें विश्वास दिलाने की काफी कोशिश की। मैं ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकती लेकिन वह नहीं मान रहे। 

 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *