दिल्ली : तेज बारिश के बीच कूड़े के ढेर में मिली नवजात, पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल

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दिल्ली : तेज बारिश के बीच कूड़े के ढेर में मिली नवजात, पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल

दिल्ली में कूड़े के ढेर में मिली नवजात को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया है.(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली के वसंत कुंज साउथ (Vasant Kunj South) इलाके के राजोकरी बस स्टैंड के पास कूड़े के ढेर (Garbage Dump) पर एक नवजात बच्ची मिली. इसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी तो पुलिस ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया. दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जानकारी दी कि रजोकरी बस स्टैंड के पास कूड़े के ढेर में मिली नवजात बच्ची की हालत स्थिर है और उसे वसंत कुंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.दिल्ली पुलिस ने कहा, “8 अक्टूबर को सुबह 8:12 बजे, रजोकरी बस स्टैंड पर पीएस वसंत कुंज दक्षिण में कचरे के बीच पड़ी एक बच्ची के बारे में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी.”

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सूचना मिलने पर पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और बस स्टैंड रजोकरी पहाड़ी के पास फोन करने वाले से मिले, जिन्होंने बताया कि उन्होंने करीब तीन दिन की एक जीवित नवजात बच्ची को अपने घर के पास कूड़े के ढेर के बीच पड़ा देखा जिसके बाद उसने पुलिस को फोन किया और अपने घर ले आया. इसके बाद बच्ची को जांच अधिकारी (आईओ) को सौंप दिया गया और उसके बाद पुलिस कर्मचारियों द्वारा उसे फोर्टिस अस्पताल वसंत कुंज ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार चल रहा है और उसका स्वास्थ्य स्थिर है. पुलिस ने कहा कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है.

फोर्टिस अस्पताल, वसंत कुंज के निदेशक और एचओडी, बाल रोग, डॉ राहुल नागपाल  के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम बच्ची देखभाल कर रही है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्ची 24-48 घंटे से कम समय पहले पैदा हुई थी, उसका शरीर नीला दिख रहा था और उसके शरीर का वजन केवल दो किलोग्राम था, जो नवजात शिशु के सामान्य वजन से कम था. 

डॉ नागपाल ने कहा, “बच्ची बारिश के कारण भीग गई थी. वह बेहद कमजोर और गर्भनाल से जुड़ी हाइपोथर्मिक अवस्था में थी. वह अनमैच्योर थी और उसके शरीर का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य 36.4 डिग्री सेल्सियस से कम था. डॉ नागपाल ने कहा कि बच्ची इलाज के बाद से ठीक है. 

स्थानीय निवासियों ने बताया कि “हम सुबह की सैर के लिए जा रहे थे और जैसे ही हम एक कूड़े के ढेर के पास से गुजरे, हमने देखा कि एक बच्चा लगभग बिना कपड़ों के पड़ा है. हमने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया, जो नवजात को फोर्टिस वसंत कुंज ले आई.राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो 2020 की रिपोर्ट के अनुसार 2015-2020 के बीच भारत के किसी भी शहर में छोड़े गए शिशुओं की सबसे अधिक संख्या वाले राज्यों में दिल्ली सबसे ऊपर है.

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