Uttarakhand News: बिना पीएचडी असिस्टेंट प्रोफेसर बनाने वाले यूसैट का छह साल से में नहीं हुआ आयोजन

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अशासकीय डिग्री कॉलेजों में 2018 से अटकी हैं भर्तियां

प्रदेश के अशासकीय डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, प्राचार्यों की भर्ती पर राज्य सरकार ने वर्ष 2018 से रोक लगाई हुई है। इन कॉलेजों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। यूसैट होने के बाद अगर सरकार यहां भर्तियां खोलती है तो युवाओं को बड़ा मौका मिलेगा।

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2017 में इन विषयों में हुआ था यूसैट

वर्ष 2017 में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, जिओग्राफी, इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी, हिस्ट्री, एजुकेशन, साइकोलॉजी, फिजिकल एजुकेशन, होम साइंस, डिफेंस एंड स्ट्रैटजिक स्टडीज, म्यूजिक, अर्थ एंड एटमॉस्फेरिक साइंस, मैथमेटिकल साइंस, लॉ, फिजिकल साइंस, केमिकल साइंस, लाइफ साइंस, कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन, एन्वायरमेंटल साइंस, मैनेजमेंट, विजुअल आर्ट, फिलोसॉफी, लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस को यूसैट में शामिल किया गया था। इस बार कितने विषय शामिल किए जाएंगे यह अभी तय नहीं है।

सरकार ने प्रो. हरीश बिष्ट को यूसैट के लिए सदस्य सचिव नामित कर दिया है। वह परीक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं। इसी साल हम पात्रता परीक्षा कराएंगे। – दिनेश चंद्र, कुलसचिव, कुमाऊं विवि

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