Shrikhand Mahadev Yatra: भोले के उद्घोष के साथ श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू, पहले दिन 50 श्रद्धालु रवाना

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Shrikhand Mahadev Yatra begins with the announcement of Bhole, 50 devotees leave on the first day

श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू
– फोटो : संवाद

विस्तार


हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के आउटर सिराज क्षेत्र में 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव की यात्रा शुक्रवार को भोले नाथ के उद्घोषों के साथ शुरू हो गई। यात्रा 20 जुलाई तक चलेगी। श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने यात्रा के पहले आधार शिविर सिंघगाड से यात्रा को हरी झंडी दिखाते हुए 50 श्रद्धालुओं के जत्थे और मां भीमाकाली छड़ी यात्रा को रवाना किया। इससे पूर्व उपायुक्त ने सिंघगाड में पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं को यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने श्रद्धालुओं को सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

उपायुक्त ने श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग और जंगल में कूड़ा-कचरा न फेंकने का आग्रह किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्लास्टिक का कचरा अपने साथ वापस लाने का आग्रह किया। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंघगाड, थाचड़ू, कुंशा, भीम डवारी और पार्वती बाग में पांच आधार शिविर स्थापित किए हैं। यात्रा क्षेत्र पांच सेक्टरों में निरमंड से श्रीखंड तक बांटा गया है। पांचों स्थानों पर सेक्टर ऑफिसर तैनात किए हैं। आपात स्थिति से निपटने और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान के 16 सदस्य तैनात किए हैं। श्रद्धालुओं को मेडिकल जांच के बाद ही यात्रा पर जाने दिया जाएगा।

शाम 5:00 बजे के बाद रवाना नहीं होगा कोई भी श्रद्धालु

श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने श्रद्धालुओं को यात्रा के प्रबंधों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सायं 5:00 बजे के बाद किसी भी श्रद्धालु को यात्रा पर नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से रात के समय यात्रा न करने का आग्रह किया।

ऐसे पहुंचे श्रीखंड महादेव तक

बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को शिमला से रामपुर का करीब 130 किमी का सफर बस या टैक्सी से तय करना होगा। इसके बाद रामपुर से निरमंड 17 किलोमीटर और निरमंड से जाओं का 23 किमी का सफर वाहन से तय करना होता है। इसके आगे श्रीखंड महादेव तक करीब 32 किलोमीटर का सफर यात्रियों को पैदल तय करना होता है।

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