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सत्र के पहले दिन सदन के बाहर भी तेजस्वी यादव निशाने पर रहे।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया। पांच दिनों तक चलने वाले यह सत्र में कितना हंगामेदार होने वाला है, यह सोमवार को 16 मिनट में ही पता चल गया। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा परिसर में भाजपा नेताओं ने जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने डिप्टी सीएम यादव के इस्तीफे की मांग की। चार्जशीटेड डिप्टी सीएम को इस्तीफा देना ही होगा। जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मुद्दे पर शांत क्यों हैं। उन्हें इस मुद्दे पर जवाब देना ही होगा। बिहार विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राबड़ी देवी ने संभाला मोर्चा
सदन में बेटे तेजस्वी यादव को घेरे जाते देख परिषद् सदस्य व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ जो भी बोलता है, उसके पीछे ईडी और सीबीआई लगा दी जाती है। बिना किसी बात के चार्जशीट दाखिल हो जाता है। राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता की कमाई से भारत के हर जिले में आलीशान दफ्तर तैयार कर रही है।
अगले चार दिन इसपर होगा हंगामा
पहले दिन की औपचारिकता 16 मिनट में पूरी कर सत्र को स्थगित कर दिया गया, लेकिन अगले चार दिन नई शिक्षक नियमावली, डोमिसाइल नीति और डिप्टी तेजस्वी यादव को सीबीआई द्वारा चार्जशीटेड करने के मामले पर भाजपा महागठबंधन सरकार को घेरेगी। विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी और विधान परिषद के सभापति देवेशचंद्र ठाकुर पहले ही सदन की शांतिपूर्ण ढंग से कार्रवाई करने की अपील कर चुके हैं। विधानसभा के अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी पहले ही स्पष्ट कह दिया कि मानसून सत्र छोटा है, लेकिन कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण है।
शिक्षक अभ्यर्थियों के मुद्दे को उठाएगी भाजपा
इधर, नियोजित शिक्षकों को बिना शर्त सरकारीकर्मी का दर्जा देने और डोमिसाइल को लेकर 11 जुलाई को शिक्षक अभ्यर्थियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। शिक्षक अभ्यर्थी ने डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग को लेकर घेरा डालो डेरा डालो का कार्यक्रम का एलान किया है। इधर, 12 जुलाई को भाजपा ने शिक्षकों की मांग के समर्थन के साथ 10 लाख नौकरी एवं 10 लाख रोजगार की मांग को लेकर प्रदर्शन का कार्यक्रम है।
पूर्व सहयोगी जीतन राम मांझी भी विरोध करते दिखेंगे
इस सत्र में विधानसभा में पूर्व सीएम जीतन राम मांझी भी सरकार का विरोध करते दिखेंगे। सरकार के बाहर से समर्थन कर रहे वामदलों के 17 विधायकों के लिए शिक्षकों मुद्दे पर सरकार का विरोध करने की राजनीतिक मजबूरी हो गयी है। वामदल ही शिक्षक संगठनों का नेतृत्व करते हैं।
जानिए, आज की कार्यवाही
पहले दिन सदन में नए सदस्य शपथ ग्रहण, राज्यपाल की ओर से प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रमाणिकृत प्रतियों को सदन के पटल पर रखने, वित्तीय वर्ष 2023-2024 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी का उपस्थापन के बाद शोक प्रकाश के साथ कार्यवाही स्थगित करने की योजना थी; हालांकि सत्र 16 मिनट में ही स्थगित कर दिया गया।
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