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यात्रा के बीच आस्था के अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। एक हजार से लेकर 10 लाख रुपये और इससे अधिक महंगी कांवड़ ले जाई जा रही है। विभिन्न मंदिरों के प्रारूप वाली कांवड़ आकर्षण का केंद्र बन रही है।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से लाखों कांवड़िए प्रतिदिन हरिद्वार पहुंच रहे हैं और गंगाजल भरकर रवाना हो रहे हैं। नौ दिन के अंदर दो करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल भर चुके हैं। नहर पटरी के साथ ही हाईवे पर शिवभक्तों का कारवां आगे बढ़ रहा है। अलग-अलग प्रकार की भव्य कांवड़ देख हर कोई आकर्षित हो रहा है।
देशभक्ति से लेकर भगवान राम का मंदिर, केदारनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर के प्रारूप वाली कांवड़ देखने को मिल रही है। पंतद्वीप चमगादड़ टापू और बैरागी कैंप में इन कांवड़ों को तैयार किया जा रहा है।
हरियाणा के फरीदाबाद से आए शिवभक्त पंकज चौधरी, विशाल ने बताया कि वर्ष 2016 से लगातार वह कांवड़ लेकर जा रहे हैं। पहले पशुपतिनाथ मंदिर और भगवान राम के मंदिर वाली कांवड़ ले जा चुके हैं। इस साल राम मंदिर वाली ही कांवड़ लेकर जाएंगे।
अब धर्मनगरी में डाक कांवड़ियों का रेला उमड़ा पड़ा है। हाईवे से लेकर शहर के अंदर भी डाक कांवड़िए नजर आ रहे हैं जबकि पैदल जा रहे शिवभक्त भी काफी संख्या में शहर के अंदर से होकर गुजर रहे हैं। अब अगले दो दिनों तक करोड़ों की संख्या में डाक कांवड़िए गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर लौटेंगे।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सपहले दिन पहले दिन एक लाख 10 हजार, दूसरे दिन 8 लाख 50 लाख, तीसरे 10 लाख 50 हजार, चौथे दिन 15 लाख 20 हजार पांचवें दिन 22 लाख 25 हजार, छठे दिन 32 लाख 40 हजार, सातवें दिन 45 लाख 10 हजार शिवभक्तों ने गंगा जलभरा था। आठवें दिन 57 लाख 20 हजार शिवभक्त गंगाजल भरकर रवाना हुए हैं।
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