Yamuna Flood : दिल्ली की बाढ़ से पाकिस्तान में ‘हलचल’, हिंदू शरणार्थी अपनों को दिखा रहे हैं मुसीबत का मंजर

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Yamuna Flood: Hindu refugees are showing trouble to their loved ones in Pakistan

ये हैं दिल्ली में रहने वाले पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी…
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


यमुना में जलस्तर का रिकॉर्ड टूटने का मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बनने लगा है। मजनू का टीला के पास रह रहे पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी बस्ती व यमुना की हालत वीडियो कॉल करपाकिस्तान में मौजूद रिश्तेदारों को दिखा रहे हैं। 

शरणार्थियों के करीब 40 घर पानी में पूरी तरह से डूब गए हैं। एहतियातन बिजली विभाग ने यहां की बिजली काट दी है। कई लोग घर छोड़कर दूसरी जगह शरण ले रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बच्चों व महिलाओं को हो रही है। लोगों का आरोप है कि सरकार ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किये। शासन-प्रशासन सुध नहीं ले रहा।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आई लक्ष्मी ने बताया कि तीन दिन से घर में पानी घुसा है। पूरा सामान व सारे बर्तन पानी में डूब गए हैं। मदद के लिए यहां कोई प्रशासन का नुमाइंदा अब तक नहीं पहुंचा है।

वहीं, बस्ती से वीडियो कॉल कर पाकिस्तान में मौजूद भाई को बाढ़ का नजारा दिखा रही लीलावती ने बताया कि इससे पहले उन्होंने कभी इस तरह का नजारा नहीं देखा था। घर डूब गया है और अब रहने की चिंता सता रही है। शरणार्थी सोना दास ने बताया कि आराम से सो पाना बहुत मुश्किल है। रात को हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कोई अप्रिय घटना न घट जाए। इस पानी में सांप, कीड़े झुग्गियों में आ रहे हैं। सरकार को यहां भी सुरक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए।

रिंग रोड तक पहुंचा पानी

बाढ़ का पानी रिंग रोड पर पहुंच गया है। इस कारण कश्मीरी गेट बस अड्डा व आसपास के इलाके बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं, क्योंकि रिंग रोड की ओर यमुना के पानी को रोकना संभव नहीं है। रोड पर फिलहाल दो जगहों से पानी आना शुरू हुआ है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर कई जगह से ही नहीं, बल्कि उसकी ओर बने फुटपाथ के ऊपर से पानी आना शुरू हो जाएगा।

जगतपुर व वजीराबाद गांव के पास पहुंचा

जगतपुर गांव के पास स्थित पुश्ते पानी से लबालब भर गए हैं। गांव की ओर जाने वाले सभी रास्ते बाधित हैं। इससे बाढ़ प्रभावित इलाके से लोगों को निकलने में मुश्किलें आ रही हैं। लोग खुद ही निजी नाव के जरिये सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे हैं। यहां लोग भूखे-प्यासे खुले आसमान में रातें गुजारने को मजबूर हैं। इस तरह के हालात वजीराबाद बैराज से पहले भी हैं। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वजीराबाद बैराज से पहले के पुश्ते के पास मौजूद मंदिर व श्मशान घाटों में कई फुट तक पानी घुस गया है। सभी मार्ग भी बाधित हो गए हैं।

प्रशासन से लगा रहे हैं गुहार

कई इलाकों के लोग खुद ही निजी नाव से सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे हैं। वजीराबाद गांव के पास रामघाट से बच्चों को नाव से घाट किनारे ला रहे सीताराम ने बताया कि मंगलवार से रात से पानी भर रहा है। यहां 70 झुग्गियां हैं जो पानी में डूब गई हैं। न तो यहां कोई खाने-पीने की व्यवस्था है और न ही कोई रहने का इंतजाम। वहीं, राहुल बताते हैं कि बीती रात को पानी में एक बच्ची डूब गई थी, जिसे कड़ी मशक्कत से बचाया गया। अब भी कई मवेशी पुश्तों में फंसे हुए हैं। यहां न कोई अधिकारी आया न कोई बचाव दल।

मोनेस्ट्री मार्केट में दुकानें लबालब

तिब्बती कॉलोनी के बाद मोनेस्ट्री मार्केट की 250 दुकानों में पानी घुस गया है। आलम ये है कि यहां कई घरों में भी पानी पहली मंजिल तक पहुंच गया है। प्रभावित लोग घर छोड़कर सामान लेकर रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। दुकानदार उदित ने बताया कि इस तरह की बाढ़ के हालात वर्ष 2013 में देखे थे। दुकान का सारा सामान पानी में खराब हो गया है। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को मोनेस्ट्री मार्किट का दौरा भी किया। उन्होंने सभी जरूरी कदम उठाने व त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

नदी को देखने के लिए उमड़ रहे लोग

उफनती यमुना को देखने के लिए लोग किनारे पहुंचकर सेल्फी भी ले रहे हैं। वजीराबाद बैराज से पहले जगह-जगह लोगों का हुजूम यमुना को देखते हुए दिखा। लोगों का कहना है कि पहली बार यमुना को इतनी करीब से गुजरते देख रहे हैं। हालांकि, कई जगहों पर पुलिसकर्मी लोगों को नदी किनारे जाने से रोक रहे हैं, लेकिन जहां पुलिस व सुरक्षा बल नहीं था वहां लोग वीडियो रिकॉर्ड करते व फोटो खिंचवाते नजर आए।

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