Baddi Counterfeit medicines: हिमाचल के बद्दी में बन रहे थे नकली मल्टी विटामिन, मधुमेह की दवाई

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Counterfeit medicines for diabetes and multi vitamins were being made in Baddi.

नकली दवाएं(सांकेतिक)
– फोटो : संवाद

विस्तार


हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक नगर बद्दी के एचपी एसआईडीसी एरिया में नकली दवाएं बनाने का आरोपी कंपनी का संचालक फरार हो गया है। राज्य औषधि नियंत्रक विभाग ने रविवार को बद्दी की मेगटेक इंटरप्राइसिस काठा में जांच कर उसमें नकली दवाएं बरामद की थीं। उद्योग का रिकार्ड खंगाला गया और कुछ संदिग्ध चीजें और दवाएं बरामद की गईं। इसमें मैनकाइंड और इंटास फार्मा की मधुमेह और मल्टी विटामिन की नकली दवाएं बनाई जा रही थी। सूचना मिलते ही ड्रग विभाग ने एक टीम का गठन किया। टीम ने साई रोड़ स्थित आरएस रोड लाइन के ट्रांसपोर्ट गोदाम से यह नकली दवाई पकड़ी। यह दवाई मेगटेक इंटरप्राइसिस उद्योग की थी।

इसलिए टीम ने मध्य रात्रि को ही उद्योग पर दबिश दी थी। दबिश के दौरान टीम ने कंपनी से प्रक्रियाधीन दवाई का भारी स्टॉक और नकली दवा के ब्लिस्टर पैक के स्क्रैप बरामद किए। उस समय इस दवा कंपनी का संचालक हरियाणा के रोहतक का मुकेश सैणी कंपनी में नहीं था। उसके बाद विभाग ने उसका इंतजार करने के बाद कंपनी गेट को सील करके प्रमुख द्वार पर नोटिस चिपका दिया था। विभाग ने संचालक को लिखा था कि वह सोमवार को राज्य ड्रग कंट्रोलर कार्यालय में जांच में शामिल हो। आपकी उपस्थित में ही कंपनी की सील तोड़कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

सोमवार शाम 5:00 बजे तक संबंधित जांच अधिकारी आरोपी का इंतजार करते रहे लेकिन वह नहीं पहुंचा। उधर, राज्य औषधि नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि विभाग के अधिकारी आरोपी का इंतजार करते रहे लेकिन वह कार्यालय में जांच में शामिल नहीं हुआ। उसे मंगलवार को फिर से बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में नकली दवाओं की संदिग्ध डिलीवरी के बाद ड्रग कंट्रोलर दिल्ली ने भी इस संबंध में उन्हें जानकारी दी है। न्यायालय को नकली दवाओं आदि की जब्ती के साथ-साथ विनिर्माण इकाई को सील करने के बारे में सूचित किया गया है। मामले की जांच चल रही है और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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