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तीर्थ पूजन कार्यक्रम मंगलवार की सुबह ही शुरू हो गया था। जो करीब तीन घंटे तक चला। उसके बाद ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ और मौके पर आए श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर पंडा समिति के अध्यक्ष नीरज उपाध्याय, सचिव विकास उपाध्याय, कोषाध्यक्ष ओमकार नाथ उपाध्याय समेत पंडा समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
राजगीर में 22 कुंड और 52 जल धाराओं में इस बार श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। सभी कुंड और जल धाराओं का जीर्णोद्धार कराया गया है, जिसमें सबसे खास वैतरणी नदी है। इस नदी तट को लोग प्राचीन समय से ही गाय की पूंछ पकड़कर पार किया करते थे। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से उन्हें सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
संध्या में होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम
जिला प्रशासन के द्वारा एक महीने तक मलमास मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होगा, जो आज मंगलवार की संध्या से ही शुरू हो जाएगा। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम चार बजे से लेकर शाम के सात बजे तक चलेगा। पहले दिन सूचना जनसंपर्क विभाग के कलाकारों के द्वारा विशेष प्रस्तुति होगी। उसके बाद सरस्वती वंदना, गायन, अपन बिहार पर आधारित नृत्य, कथक नृत्य, बिहार गीत, कजरी और गायन के साथ पहले दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन होगा।
मुख्य शाही स्नान की तिथि और दिन
- पुरुषोत्तम एकादशी 29 जुलाई दिन शनिवार
- पुरुषोत्तमी पूर्णिमा एक अगस्त दिन मंगलवार
- पुरुषोत्तमी एकादशी 12 अगस्त दिन शनिवार
- पुरुषोत्तमी अमावस्या 16 अगस्त दिन बुधवार
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