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सियाचिन में शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह
– फोटो : पीआरओ
विस्तार
लद्दाख क्षेत्र के सियाचिन ग्लेशियर में बुधवार तड़के आग की घटना में सेना के एक कैप्टन बलिदान हो गए, जबकि तीन जवान झुलस गए। कैप्टन की पहचान रेजिमेंटल मेडिकल आफिसर अंशुमान सिंह के रूप में हुई है। बताते हैं कि आग लगने पर वे अपने साथियों को बचाने में जुट गए। इस दौरान गंभीर रूप से झुलस गए।
झुलसे तीनों जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार आग की घटना तड़के तीन बजे हुई। इसमें मेडिकल आफिसर गंभीर रूप से झुलस गए, जिससे उनकी मौत हो गई। तीन अन्य कर्मियों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई और वे दूसरी डिग्री तक झुलस गए।
उन्हें तत्काल इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया। घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। इस बीच घाटी में सेना की कमान संभालने वाली सेना की चिनार कोर के पूर्व जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने शहीद की शहादत को सलाम किया है।
उन्होंने अपने ट्विटर पर ट्वीट किया कि सियाचिन ग्लेशियर में एक अग्नि दुर्घटना में चिकित्सा अधिकारी कैप्टन अंशुमान ने अपने सैनिकों को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी। ऐसी है युवा नेता की बहादुरी। शहीद के पिता सूबेदार आरपी सिंह ने उनसे कहा कि नुकसान के बावजूद उन्हें गर्व है कि उनका बेटा बहादुर था।
ले. जनरल द्विवेदी ने शहीद को किया सलाम
सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने हादसे पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि वह कैप्टन अंशुमान सिंह को सलाम करते हैं, जिन्होंने सियाचिन सेक्टर में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।
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