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सड़क जाम कर प्रदर्शन करते ग्रामीण
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के सुपौल के पिपरा थाना इलाके में सड़क किनारे बैठे एक दिव्यांग (35) को गुरुवार की देर शाम एक पुलिस गाड़ी ने टक्कर मार दी। हालांकि लोगों ने जब पुलिस गाड़ी को घेर लिया तो उसी गाड़ी से दिव्यांग को सदर अस्पताल में भर्ती कराया और फिर भाग निकले। लेकिन यहां इलाज के दौरान गुरुवार की देर रात दिव्यांग की मौत हो गई। मौत की खबर सुनने के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उसके बाद शुक्रवार को अहले सुबह से मृतक के परिजनों ने सड़क जाम कर पुलिस गाड़ी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मृतक की पहचान पिपरा थाना क्षेत्र के निर्मली वार्ड एक निवासी विनोद राम के रूप में हुई है। विनोद दोनों पैरों से दिव्यांग था। वह घर के नजदीक ही एनएच 327 ई मुख्य सड़क किनारे किराने की दुकान चलाता था। मृतक के मामा परमेश्वरी राम ने बताया कि गुरुवार की देर शाम विनोद राम दुकान के सामने सड़क किनारे बैठे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रहे पुलिस के एक वाहन ने टक्कर मारकर घायल कर दिया।
उन्होंने बताया कि उसके बाद शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ी को घेर लिया। तब उस गाड़ी में सवार पुलिसकर्मियों ने जख्मी विनोद राम को इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल पहुंचा दिया और मौके से चले गए। इधर, गुरुवार की देर रात जख्मी विनोद की मौत हो गई। मृतक विनोद राम की शादी चार साल पहले ही पिपरा थाना क्षेत्र के जोलहनिया निवासी पूनम देवी के साथ हुई थी। विनोद और पूनम की तीन साल की एक बेटी ज्योति कुमारी और नौ महीने का एक बेटा अंकज कुमार है।
वहीं, मृतक की मां गुलाब देवी ने बताया कि इकलौते बेटे के सहारे से घर परिवार चल रहा था। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि वह अब किसके सहारे जिएंगी। मृतक के परिजनों ने बताया कि पुलिस की गाड़ी से टक्कर लगने से ही विनोद राम की मौत हुई है। ग्रामीणों सहित परिजन शुक्रवार की अहले सुबह से सड़क जाम कर पुलिस की गाड़ी पर केस दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं।
घटना पर सुपौल सदर डीएसपी कुमार इंद्रप्रकाश ने बताया कि सड़क हादसे में एक जख्मी दिव्यांग की सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। परिजनों के आवेदन के मुताबिक पूरी जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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