जम्मू-कश्मीर: चैट बॉट से जल्द हिंदी और उर्दू में भी मिलेगा मानसिक समस्या का समाधान, स्वास्थ्य विभाग की नई पहल

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Jammu Kashmir: Chat bot will soon provide solution mental problems Hindi and Urdu

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– फोटो : iStock

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जम्मू कश्मीर के लोगों की शारीरिक और मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्हाट्स एप पर शुरू की गई चैट बाॅट सेवा में लोगों की प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। चैट बॉट से अब जल्द हिंदी और उर्दू में भी मानसिक समस्या का समाधान मिलेगा 9797600601 व्हाट्स एप नंबर पर एक मैसेज पर आर्टिफिशियल इंटेसिजेंसी से लोगों की प्रतिक्रिया का अंग्रेजी वर्जन में जवाब दिया जा रहा है। 

इससे इस भाषा से अंजान लोगों को इस सेवा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने हिंदी और उर्दू भाषा में भी जवाब देने की मांग की है। सरवाल निवासी विमल गुप्ता का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में चैट बाट जैसी सेवा एक अच्छी पहल है। इसमें आप बिना बोले मैसेज के माध्यम से अपनी शारीरिक और मानसिक समस्या के समाधान के उपायों पर चर्चा कर सकते हैं। 

जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक स्थिति पर ध्यान दिया जाए, तो बड़ी संख्या में लोग सीधे तौर पर अंग्रेजी भाषा से जुड़े नहीं है। इससे चैट बाट का अंग्रेजी के साथ हिंदी और उर्दू भाषा में विस्तार किया जाना चाहिए। जम्मू निवासी इंद्रपाल सिंह का कहना है कि बुजुर्गों के लिए भी चैटबाट शारीरिक और मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए एक अच्छा चिकित्सा विकल्प हो सकता है।

इसमें अंग्रेजी के साथ हिंदी और उर्दू भाषा को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि लोग आसानी से अपनी भाषा संबंधी समझ सकें और सेवा का बेहतर लाभ पा सकें। चैट बाट में मौजूदा आठ बिंदुओं को शामिल किया गया है। इसमें चिंता की समस्या, नींद की समस्या, आत्महत्या की सोच, शारीरिक व यौन संबंधी मुद्दे, नशे या अन्य लत की समस्या, काउंसलर से बातचीत और चेट को शामिल किया गया है।

इसमें एक बिंदु का चयन करने पर आपको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के माध्यम से समर्पित व्हाट्स एप प्रतिक्रिया मिलने के साथ काउंसलर से चर्चा के लिए राय दी जाएगी। इसी जुलाई में शुरू हुई चैट बाट में अब तक करीब 100 मैसेज प्राप्त हो चुके हैं।   

जम्मू-कश्मीर के लोगों के मन में उदासी, चिंता, तनाव, अनिद्रा आदि शारीरिक व मानसिक समस्याओं का ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं इन समस्याओं से अधिक शिकार हो रही हैं। मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए साइकाइटरी परामर्श के लिए वरदान साबित हो रही टेली मानस (मानसिक स्वास्थ्य सहायता व नेटवर्किंग) में नवंबर 2022 से अब तक करीब 25000 काल प्राप्त हो चुके हैं।  

रोजाना 100 से अधिक काल मिल रहे

टेलीमानस में रोजाना 100 से अधिक काल मिल रहे हैं। इसमें श्रीनगर से सबसे अधिक डिप्रेशन और एंजाइटी डिसआर्डर के मामले हैं। इसके अलावा परीक्षा, रिश्तों में दरार और वित्तीय मामलों की समस्या भी बढ़ी है।

कश्मीर में मानसिक समस्याओं को लेकर बारामुला, कुलगाम, शोपियां, पुलवामा, बडगाम से भी बड़ी संख्या में काल मिल रहे हैं। जम्मू संभाग के जिलों से 90 प्रतिशत तक काल साइकाइटरी परामर्श से संबंधी हैं। इसमें सीधे डाक्टर से बात करने को कहा जाता है।

सेवा में जल्द अन्य भाषाएं शामिल करेंगे

एनएचएम के अधिकारी काजी हरुण के अनुसार चैट बाट पर हम लोगों की अभी प्रतिक्रियाएं ले रहे हैं। इसमें भविष्य में लोगों से जुड़े अन्य मुद्दों को भी चैट बाट सेवा में शामिल किया जाएगा। इसके साथ हिंदी और उर्दू भाषा को भी जल्द शामिल कर लिया जाएगा।

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