Chamoli Accident: पेयजल निगम ने प्लांट बनाया लेकिन सुरक्षा अधिकारी नहीं किया तैनात, सेफ्टी ऑडिट शुरू

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Chamoli Accident Drinking water corporation built plant but did not deploy security officer Uttarakhand news

चमोली में करंट लगने से कई लोगों की मौत
– फोटो : अमर उजाला

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पेयजल निगम ने चमोली में पांच सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए थे। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने 29 मार्च 2017 को जब इनके लिए 61.83 करोड़ रुपये जारी किए थे तो शर्तों में स्पष्ट लिखा था कि पेयजल निगम को इन प्लांटों की आग, हादसों व विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करना था। जो समय-समय पर प्लांट की सुरक्षा संबंधी शिकायतों का निवारण करता।

दरअसल, 2017 में मंत्रालय ने चमोली के पांच सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (0.76 एमएलडी, 1.19 एमएलडी, 1.25 एमएलडी, 1.12 एमएलडी व 0.05 एमएलडी) को प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए बजट जारी किया था। इस पत्र के साथ ही सभी शर्तें भी बताई गई थीं।

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इसमें कहा गया था कि प्लांट निर्माण में ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी व अन्य संबंधी गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा। इसमें ये भी शर्त दी गई थी कि पेयजल निगम को प्लांट में आग, हादसों और बिजली करंट आदि से सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। हर प्लांट का अलग सुरक्षा प्लान बनाना होगा। किसी भी प्लांट में सुरक्षा संबंधी नियमों का उल्लंघन रोकने को पेयजल निगम को सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करना था। ताकि वह समय-समय पर प्लांट की सुरक्षा को देखकर उसमें दुश्वारियां दूर करता।

 

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