[ad_1]

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार सभी सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर कर रही है ताकि सेब उत्पादकों को मंडियों तक अपना उत्पाद पहुंचाने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इन क्षेत्रों में बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हुई सड़कों को खोलने के लिए 50 करोड़ की धनराशि जारी की है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग को सड़कों की बहाली के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण जानमाल को काफी नुकसान हुआ है तथा लगभग 8,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की एक टीम हाल ही में हिमाचल प्रदेश में हुई क्षति का जायजा लेने के लिए आई थी। उम्मीद है कि जल्द ही केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को अंतरिम राहत की पहली किश्त जारी करेगी। उन्होंने एक बार पुनः स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रतिवर्ष सभी राज्यों को जुलाई और दिसंबर माह में यह मद्द मिलती है और हिमाचल को 180-180 करोड़ की दोनों किश्ते दे दी गई हैं। जबकि आपदा से उपजी विशेष परिस्थितियों से राहत के लिए कोई धनराशि जारी नहीं की गई है।
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार इस त्रासदी से प्रभावित हुए सभी परिवारों के साथ है और राज्य सरकार ने प्रभावितों को उचित मुआवजा दिलवाने के लिए विशेष राहत पैकेज भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि राहत नियमावली में बदलाव लाकर प्रदेश सरकार मकान को आंशिक क्षति होने पर भी एक लाख रुपये का मुआवजा प्रदान कर रही है। इसके साथ दुधारू पशुओं जैसे गाय, भैंस की मुत्यु पर मिलने वाले मुआवजे को 37,500 से बढ़ाकर 55,000 रुपये किया गया है। इसके अलावा भेड़ और बकरी की मौत पर मिलने वाले 4,000 की आर्थिक सहायता को भी बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दिया गया है।
[ad_2]
Source link