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मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने बिहटा-सरमेरा मुख्य मार्ग को किया जाम
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के नालंदा में बुधवार को सड़क हादसे में घायल हुए 10 साल बच्चे की इलाज के दौरान पटना के निजी अस्पताल में मौत हो गई। उसके बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों की मदद से बिहटा-सरमेरा टू-लेन को जाम कर दिया। मामला नूरसराय थाना क्षेत्र के मुजफ्फरपुर गांव का है। मृतक की पहचान जैनेंद्र पासवान के बेटे गौरव कुमार (10) के रूप में हुई है।
मृतक के परिजन रोहित कुमार ने बताया कि 24 जुलाई को गौरव पढ़ने के लिए स्कूल जा रहा था। तभी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। उस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। सबसे पहले इलाज के लिए नूरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बिहारशरीफ रेफर कर दिया गया। वहां से भी डॉक्टर ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। उसके बाद पटना के निजी अस्पताल में बुधवार की सुबह गौरव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजन सदर अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सदर अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने उस वक्त बेहतर इलाज नहीं किया। इस कारण बच्चा बच नहीं पाया।
जानकारी के मुताबिक, करीब दो घंटे तक बिहटा-सरमेरा मुख्य मार्ग और नूरसराय बाजार इलाके से गुजरने वाली गाड़ियां जाम में फंसी रहीं। इससे सड़क के दोनों छोर पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। वहीं, सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद बीडीओ धनंजय सिंह और नूरसराय थाना अध्यक्ष कुणाल चंद्र मौके पर पहुंचे। फिर उन्होंने आक्रोशित परिजनों को मुआवजे का आश्वासन देकर जाम हटवाया।
थानाध्यक्ष कुणाल चंद्र ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। वहीं, बीडीओ धनंजय सिंह ने कहा कि परिजनों को प्रखंड कार्यालय बुलाया गया है। ताकि उन्हें मुख्यमंत्री दुर्घटना का पारिवारिक लाभ के तहत मुआवजा राशि दी जा सके।
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