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कोर्ट रूम लाइव
कोर्ट – ज्ञानवापी परिसर में साल भर में पूजा करने की मांग में दाखिल मुकदमा दो साल से क्यों लंबित हैं?
मस्जिद पक्ष – मुकदमे की पोषणीयता के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल है। एसएलपी निस्तारित होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
कोर्ट – एएसआई को पार्टी क्यों नहीं बनाया गया। बिना पार्टी बनाए जांच कर सकती है?
मंदिर पक्ष- अयोध्या मामले में ऐसा हुआ है। एएसआई पार्टी नहीं थी लेकिन सही तथ्य का पता लगाने के लिए उससे सर्वे कराया गया था।
कोर्ट – इस याचिका में यूपी सरकार की क्या भूमिका है?
महाधिवक्ता- कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराना जिससे कि कानून व्यवस्था बनी रहे।
कोर्ट – एएसआई बताए कि सर्वे का क्या होगा प्रारूप?
एएसआई- सर्वे से ढांचे में कोई नुकसान नहीं होगा। सर्वे में अधिक से अधिक ब्रश करने की आवश्यकता होगी सकती है। संरचना को कोई खरोंच या क्षति नहीं होगी।
कोर्ट- मस्जिद पक्ष आशंका जता रहा है कि वहां संभल, कुदाल, फावड़ा का इस्तेमाल किया जाएगा। उसने फोटोग्राफ और वीडियो भी रिकॉर्ड के तौर पर दिया है।
हिंदू पक्ष – एएसआई ऐसा कुछ नहीं करेगी, जिससे कि संरचना को क्षति पहुंचे और इसका कोई प्रयोग नहीं किया गया। यदि मस्जिद पक्ष को ऐसा लगता है तो वे हमेशा इस पर आपत्ति जता सकते हैं।
मुस्लिम पक्ष – साइट पर एएसआई के अधिकारी फावड़ा, कुदाल, संभल आदि लेकर खड़े हैं। मीडिया के जरिए प्रसारित फोटोग्राफ में एडीजी साथ में खड़े हैं। वे संस्कृति मंत्रालय का आईकार्ड भी पहने हुए हैं।
कोर्ट – महाधिवक्ता इस बात पर गौर करें, जिससे कि इस तरह की आशंकाएं उत्पन्न न हों।
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