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केरल व नागालैंड के पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार
– फोटो : अमर उजाला
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Manipur Violence: केरल और नागालैंड के पूर्व राज्यपाल और औरंगाबाद के पूर्व सांसद निखिल कुमार ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और मणिपुर सरकार पर बड़ा बयान दिया है। निखिल कुमार ने शनिवार को यहां प्रेस वार्ता में मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र और मणिपुर की सरकार को कौरवों की सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कौरवों द्वारा द्रौपदी का चीर हरण किया गया था। उसी तरह से मणिपुर में महिलाओं का चीर हरण हो रहा है।
‘मणिपुर हिंसा पर पीएम अपना रहे हठधर्मिता’
पूर्व राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन मणिपुर में हत्या हो रही है। लेकिन धृतराष्ट्र के रूप में हमारे प्रधानमंत्री आंखें बंद किए हुए हैं। वे मणिपुर हिंसा पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। इस कारण सदन में विपक्ष द्वारा भी लगातार हंगामा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री से जवाब मांगा जा रहा है। लेकिन वे चुप्पी साधे हुए हैं। प्रधानमंत्री बेशर्मी की हद तक हठधर्मिता कर रहे हैं।
‘कौरवों की तरह होगा मोदी सरकार का अंत’
पूर्व राज्यपाल ने कहा कि जिस तरह द्रौपदी के चीर हरण की सजा कौरवों को मिली थी। उसी तरह सजा मोदी सरकार को भी मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि हमें रामायण, महाभारत जैसे धर्म ग्रंथों से सीख लेनी चाहिए और जानना चाहिए कि कौरवों का क्या हश्र हुआ था। ठीक इसी तरह ही मोदी सरकार का अंत होगा। उन्होंने मणिपुर हिंसा की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की।
‘उत्तर कोयल नहर में आज तक नहीं आया पानी’
पूर्व राज्यपाल ने उत्तर कोयल नहर सिंचाई परियोजना की चर्चा करते हुए कहा कि जब परियोजना को लेकर हम लोग सवाल करते हैं तो बोला जाता है कि राजनीति की जा रही है। भाजपा ने 2014 में वादा किया था कि छह महीने में उत्तर कोयल नहर में पानी लाया जाएगा। लेकिन आज तक उत्तर कोयल नहर में पानी नहीं आया।
उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष का काम समस्याओं से छुटकारा दिलाना है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो विपक्ष का काम इसे याद दिलाना हैं, जो हम कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह और राजद के जिला प्रवक्ता डॉ. रमेश यादव समेत अन्य मौजूद रहे।
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