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बैंक के बाहर खड़े धोखाधड़ी के शिकार हुए खाता धारक
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के नालंदा में खाता धारकों के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सोमवार को सामने आया है। मामला हिलसा प्रखंड के कई गांवों से जुड़ी हुई है। सबसे ज्यादा हिलसा प्रखंड के इंदौत गांव के बैंक धारकों के साथ धोखाधड़ी की गई है। आरोप सीएससी संचालक मुकेश कुमार पर लग रहा है। वह इंदौत में ही सीएससी सेंटर चलाता है। वहीं, मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी मुकेश कुमार फरार हो गया। जैसे-जैसे लोगों को ठगी का अहसास हुआ, वैसे-वैसे लोग अपनी बैंक पासबुक लेकर खाता अपडेट कराने पहुंच गए।
सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का दिया झांसा
कुर्मियां बीघा गांव निवासी अजीत कुमार ने बताया कि सीएससी संचालक मुकेश कुमार ने जुलाई महीने के पहले सप्ताह गांव आकर उन लोगों से कहा कि वे लोग अपने खाते का केवाईसी करवा लें। ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके बाद वे लोग 13 जुलाई को उसके सीएससी सेंटर पर पहुंचे और उन लोगों से अंगूठे का निशान ले लिया गया। अजीत कुमार ने बताया कि 29 जुलाई की शाम को जब मोबाइल देखा तो पता चला कि 10 हजार रुपये खाते से निकल गए। फिर 30 जुलाई की सुबह भी उनके खाते से 10 हजार निकल गए। इसके बाद सोमवार को बैंक पहुंचे, तब पता चला कि तीन किस्तों में उनके खाते से पैसे निकल चुके हैं।
ठगों ने मोहर्रम और रविवार का उठाया फायदा
सबसे ज्यादा धोखाधड़ी के शिकार दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के ग्राहक हुए हैं। साइबर ठग ने मुहर्रम की छुट्टी और रविवार की छुट्टी का फायदा उठाते हुए करीब 200 बैंक धारकों के साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपये की निकासी कर ली है। किसी के खाते से 20 हजार किसी के खाते से 30 हजार किसी के खाते 35,000 निकाल लिए। जैसे-जैसे लोगों को ठगी का एहसास हुआ वैसे-वैसे लोग अपने खातों की पासबुक अपडेट कराने अपने संबंधित बैंक पहुंचने लगे।
हिलसा थाना अध्यक्ष गुलाम सरवर ने बताया कि खाता धारकों से पूरी जानकारी मांगी गई है। धोखाधड़ी के मामले की जांच में पुलिस जुट गई है।
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