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कालका-शिमला हाईवे पर ढही सड़क के कारण मलबे पर चलते लोग।
– फोटो : संवाद
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कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 परवाणू से सोलन तक फोरलेन बनाने में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 748 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। इसके बावजूद अब हालात ये हैं कि पैदल चलने तक का रास्ता तक नहीं बचा है। फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी ने सड़क को काम पूरा कर दिया है। लेकिन सड़क भारी बरसात नहीं झेल पाई और धंस गई।
पहाड़ी पर मिट्टी खोदकर सड़क का निर्माण कर दिया। ऐसे में कंपनी की कार्यप्रणाली समेत अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों पर सड़क निर्माण के दौरान किसी भी प्रकार का निरीक्षण नहीं करने का आरोप लग रहा है। वहीं सड़क की गुणवत्ता पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया है। इसके साथ पुन: सड़क का निर्माण करना चुनौती बनकर उभर आया है। ढहने की शुरूआत टनल को जाने वाली सड़क से हुई थी।
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