गौरीकुंड हादसा: फोन पर बजती रही घंटी, पर जवाब नहीं मिला, मलबे के ढेर में नजर गड़ाए रहे लापता लोगों के परिजन

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Gaurikund Landslide Relatives of the missing people were staring at pile of debris all day Uttarakhand news

गौरीकुंड में भूस्खलन
– फोटो : amar ujala

विस्तार


डाटपुल के पास हुए भूस्खलन हादसे में आगरा निवासी बबलू का बड़ा भाई और साला भी लापता हो गया। बताया कि घटना के बाद काफी देर तक मोबाइल पर घंटी बजती रही। लेकिन किसी ने नहीं उठाया। दो दिन वे बबलू, मबले के ढेर पर नजर गड़ाए हुए है।

आगरा निवासी बबलू गौरीकुंड में दुकान का संचालन कर रहा था। दुकान में उसका भाई व साला भी था। वह घटना के दौरान खाना खाने गया हुआ था। लगभग साढ़े 11.30 बजे टिन के बजने जैसी तेज आवाज के साथ पहाड़ी गिरी और सबकुछ खत्म हो गया। दुकान का नामोनिशान नहीं था।

भाई और साला नहीं मिले

सिर्फ सिमेंट का टूटा पिलर लटका हुआ था। लेकिन भाई और साला नहीं मिले। भाई के मोबाइल पर संपर्क किया तो घंटी बजती रही। कॉल रिसीव नहीं हुई। यहां तक कि घटना के लगभग एक घंटे बाद भी मोबाइल पर घंटी जाती रही।

एक बार ऐसा लगा, जैसे किसी ने फोन उठाया पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इस बारे में एसडीआरएफ के जवानों से पूछा तो उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान कई बार कॉल करने पर रिसीव होती है, लेकिन सही मायने में कोई संपर्क होता नहीं है। बबलू शनिवार को दिनभर अपने भाई और साले की खोज के लिए मलबे को निहारता रहा।

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