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अतीक अहमद
– फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
दो साल पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अतीक अहमद पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कराते ही उसके बहनोई के दामाद खालिद जफर ने खुद की बनाई कंपनी हिमालया व्यू प्रॉपर्टी कंसल्टेंट के सारे दायित्वों से खुद को अलग कर लिया था। यह इसलिए कि माफिया की आड़ में धंधा तो चंगा चले, लेकिन कार्रवाई की आंच न आए। जफर ने अपने बहनोई मोहम्मद इरफान हसन समेत तीन लोगों को कंपनी में निदेशक बनवा कर पर्दे के पीछे से नियंत्रण जारी रखा।
शनिवार को हसन को जेल भेजा गया है।हिमालया व्यू प्रॉपर्टी कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड से नाम हटाने का खालिद जफर ने यह दांव अतीक अहमद पर मनी लांड्रिंग का अप्रैल 2021 में केस दर्ज होते ही किया। जफर ने 25 अगस्त 2011 को बनाई इस कंपनी का पता एचआईजी 71, कालिंदीपुरम लिखाया था।
आज भी इसी पते से कंपनी चालू है। दस्तावेजी तौर पर जफर दूर है। पर, हकीकत में नहीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जफर ने छह अप्रैल 2021 को पहले अपने बहनोई इरफान को निदेशक बनवाया, फिर सुशील रावत को। तीन महीने बाद 22 जुलाई 2021 को अबू तालिब को भी निदेशक बना दिया गया।
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