Bihar: गंडक नदी में नहाने पहुंचे मां-बेटा पानी में बहे, पहले बेटा डूबा, बचाने कूदी मां भी हुई लापता, तलाश जारी

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Mother and son went to bathe in Gandak river, son drowned first, mother also went missing after saving her

मोतिहारी में मां-बेटे डूब गए हैं।
– फोटो : सोशल मीडिया

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बिहार के मोतिहारी में मां-बेटे के गंडक नदी में डूब जाने का मामला सामने आया है। उनकी तलाश जारी है। गोताखोरों के कई प्रयास के बाद भी दोनों का कुछ पता नहीं चल सका है। अब एनडीआरएफ को बुलाया गया है। 

जानकारी के मुताबिक घटना मोतिहारी के केसरिया थाना क्षेत्र स्थित सत्तरघाट गंडक नदी की है। बताया गया कि सावन का पांचवां सोमवार होने से कल्याणपुर थाना क्षेत्र के मेदन सिरिसिया पंचायत स्थित बलमी सिरिसिया गांव के रहने वाले मां-बेटा गंडक नदी में नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान बेटे का नियंत्रण बिगड़ा और वो डूबने लगा। मां ने देख बेटे को बचाने नदी में छलांग लगा दी। लेकिन दोनों डूब गए। घटना की जानकारी मिलने पर केसरिया सीओ और स्थानीय थाना की टीम मौके पर पहुंच गए हैं। स्थानीय गोताखोर की मदद से नदी में दोनों की तलाश की जा रही है। वहीं एनडीआरएफ की टीम को भी सूचना दे दी गई है। 

कैसे हुई घटना

कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बलमी सिरिसिया की रहने वाली 55 वर्षीया ममता देवी अपने 17 वर्षीय पुत्र आयुष कुमार के साथ केसरिया स्थित केसरनाथ महादेव मंदिर में जल चढ़ाने के लिए जलबोझी को लेकर गंडक नदी के सत्तरघाट पर गई थीं। जलबोझी के पूर्व मां और बेटा दोनों नदी में स्नान करने के लिए पहुंचे। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। आयुष स्नान करने के दौरान नदी के तेज बहाव में असंतुलित होकर बहने लगा। बेटे को नदी में बहता देख बचाने गई मां भी नदी के तेज बहाव में बह गई। सत्तरघाट पर जलबोझी के लिए आए अन्य कांवरियों ने शोर मचाया तो स्थानीय गोताखोरों ने गंडक नदी के तेज बहाव में लापता हुए मां बेटे की खोज शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला है।

घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस और सीओ को दी। सीओ और केसरिया पुलिस टीम मौके पर पहुंची। काफी कोशिश के बाद भी जब मां-बेटे का पता नहीं चला तो एनडीआरएफ की टीम बुलाई जा रही है।

इंटर का छात्र है आयुष

गंडक नदी में डूबे आयुष इंटर का छात्र है और वह मोतिहारी में रहकर पढ़ाई करता है। आयुष को अपनी मां ममता देवी के साथ केसरनाथ महादेव पर जलाभिषेक करने जाना था। जिसके लिए वह घर गया था और घर से वह अपनी मां के साथ सत्तरघाट पर जलबोझी के लिए पहुंचा था। 

सुरक्षा के नाकाफी इंतजाम

गौरतलब है कि सावन के महीने में सोमवार को जलबोझी के लिए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ सत्तरघाट पर लगती है। बावजूद इसके सत्तरघाट पर सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नदी के किनारे घाट पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिग भी नहीं की गई है।

केसरिया के प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि जानकारी मिलते ही पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचा और स्थानीय गोताखोरों के मदद से नदी के डूबे माँ बेटे की खोज शुरू की। दोनों की तलाश अभी जारी है। वहीं अंचलाधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम को मोतिहारी से बुलाया गया है। स्थानीय गोताखोरों से भी तलाश करवाई जा रही है।  

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