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कोर्ट में मनीष कश्यप को पेशी के लिए लाया गया।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूट्यूबर मनीष कश्यप कोर्ट में पेशी के लिए कोर्ट में पेशी के लिए बेतिया पहुंचा। सप्तक्रांति एक्सप्रेस से बेतिया स्टेशन पर पहुंचते ही हजारों की संख्या में समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बेतिया पहुंचते ही मनीष को एसपी ऑफिस में पूरी सुरक्षा के साथ रखा गया। मनीष कश्यप की सुरक्षा में 70 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में लगाया गया है। कुछ देर बाद मनीष कश्यप को पेशी के लिए कोर्ट लाया गया।
रंगदारी मांगने, मारपीट करने के केस में पेशी
यूट्यूबर मनीष कश्यप का रेलवे बेतिया स्टेशन पर फूल माला पहना कर उनके समर्थकों ने स्वागत किया। हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद रहे। दरअसल, यूट्यूबर मनीष कश्यप की पेशी भाजपा विधायक उमाकांत सिंह के साथ रंगदारी मांगने, मारपीट करने तथा मझौलिया के पारस पकड़ी स्थित भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के साथ दुर्व्यवहार करने सहित सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप है। इसी मामले में उसे कोर्ट में पेश किया जा रहा।
18 मार्च को जगदीशपुर थाने में सरेंडर कर दिया था
बता दें कि अपने ही यूट्यूब चैनल सच तक पर बिहार के मजदूरों के साथ तमिलनाडु में मारपीट करने का फर्जी वीडियो बनाकर अप्लोड करने के मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ईओयू ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज किया था। कई दिनों तक मनीष कश्यप फरार चला। लेकिन, पुलिस के शिकंजा कसने के बाद 18 मार्च को जगदीशपुर थाने में सरेंडर कर दिया था। सरेंडर करने के बाद 30 मार्च को तमिलनाडु पुलिस की टीम ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई और मदुरई कोर्ट में पेश किया था। मदुरई कोर्ट जाने के बाद मनीष के ऊपर NSA भी लगाया गया था। तब से मनीष कश्यप जेल में बंद था। तमिलनाडु की जेल में बंद यूट्यूबर मनीष कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट से सभी केस को एक जगह करने की मांग की थी। इसमें सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने मनीष कश्यप की बेल और ऐसे याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था।
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