[ad_1]

हत्या
– फोटो : social media
विस्तार
अलीगढ़ में खैर इलाके के शिवाला चौकी क्षेत्र के गांव में रविवार देर शाम से लापता अनुसूचित जाति परिवार की आठ वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। रात भर पुलिस व परिवार बच्ची को तलाशता रहा। मगर सुबह पड़ोसी के घेर में बच्ची की चप्पल मिलने के बाद उसकी लाश भूसे में दबी मिली।
खबर पर पुलिस के आला अधिकारी फील्ड यूनिट व डॉग स्क्वायड संग पहुंच गए। इस दौरान गुस्साए परिवार ने बमुश्किल शव उठने दिया। शाम को शव पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचा तो कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कराई गई। इधर, एसएसपी ने मामले में एसपी देहात की अगुवाई में घटना के खुलासे को टीम का गठन किया है।
बताया गया है कि गैर प्रांत में नौकरी करने वाले ग्रामीण की आठ वर्षीय बालिका रविवार की देर शाम घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। इस सूचना पर सीओ राजीव द्विवेदी, इंस्पेक्टर सुबोध कुमार आदि गांव पहुंचे। इसके बाद आसपास के सीसीटीवी आदि की मदद से देर रात तक बालिका की तलाश में पुलिस व परिजन लगे रहे। मगर सुराग नहीं लगा। सोमवार सुबह फिर इंस्पेक्टर गांव पहुंचे और लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच सुबह करीब नौ बजे पड़ोसी महिला बालिका के घर से दो सौ मीटर दूर स्थित अपने घेर के टिनशेड में रखे भूसे को निकालने गई।
वहां उसे बेलपत्र के पेड़ के नीचे बालिका की चप्पल दिखाई दी। इस पर महिला ने शोर मचा दिया। वहां भीड़ जमा हो गई। बाद में बालिका को तलाशा गया तो उसी के घेर में भूसे के ढेर में दबी बच्ची की लाश मिल गई। उसकी गर्दन व चेहरे पर खरोंच के निशान थे। इस पर ग्रामीण उत्तेजित हो गए। हंगामा करने लगे। खबर पर एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी देहात पलाश बसंल भी मौके पर पहुंच गए। साक्ष्य संकलन के लिए टीमों को बुलाया गया।
किसी तरह परिवार को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जहां पैनल के जरिये पोस्टमार्टम के बाद वापस शव गांव लाया। अभी पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। जिसमें तस्वीर साफ होगी कि बालिका को कब और कैसे मारा गया। हालांकि कपड़े तो सही सलामत मिले हैं। मगर प्रारंभिक तौर पर शव पर खरोंच आदि के निशान को देखते हुए दुष्कर्म के बाद हत्या मानते गुमशुदगी की तहरीर को मुकदमे में तरमीम कर लिया गया है।
[ad_2]
Source link