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पंचकर्म
– फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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प्रदेश में संचालित वेलनेस, योग और पंचकर्म सेंटरों के लिए अब पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके लिए पहली बार आयुष विभाग ने नियमावली तैयार की है, जिसमें सेंटरों के संचालन के लिए मानक तय किए गए हैं।
पहले एक साल के लिए पंजीकरण निशुल्क होगा। इसके बाद पंजीकरण नवीनीकरण के लिए 200 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। प्रदेश के ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून समेत अन्य जिलों में निजी आयुष वेलनेस, योग और पंचकर्म केंद्र चल रहे हैं, लेकिन अभी तक इन सेंटरों का आयुर्वेद विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। साथ ही सेंटर बिना मानकों के चल रहे हैं।
इसे देखते हुए पहली बार वेलनेस, योग और पंचकर्म केंद्राें के लिए नियमावली का ड्राफ्ट तैयार किया गया। शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजी है। जल्द ही सीएम का अनुमोदन मिलते ही नियमावली को लागू किया जाएगा। नियमावली में वेलनेस, योग और पंचकर्म सेंटरों की सुविधाओं के आधार पर रेटिंग की जाएगी।
इसमें बेहतर सुविधाएं देने और मानकों पर खरा उतरने वाले सेंटरों को फाइव स्टार रेटिंग मिलेगी। इसके बाद फोर व थ्री स्टार रेटिंग होगी। आयुष नीति में गुणवत्ता युक्त सेवाएं देने को थ्री स्टार से ऊपर की रेटिंग वाले सेंटरों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया जाएगा।
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