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कोटद्वार में तबाही
– फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार रात को हुई अतिवृष्टि ने दुगड्डा ब्लाॅक की मालन घाटी में भारी तबाही मचाई। चूना महेड़ा गांव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां कई मकान ध्वस्त हो गए हैं जबकि कई मकान मलबे में दब गए और एक वृद्ध लापता हो गया। वहीं सटे सौड़, लदोखी, धरगांव, चौंडली, मैती काटल, जौरासी आदि गांवों में कई नाली कृषि भूमि मलबे में दब गई। चूना महेड़ा की प्रधान सादिया बेगम ने बताया कि गांव में मंगलवार रात को 11:00 बजे हुई अतिवृष्टि के दौरान मोहम्मद उस्मान, रहमत अली, शौकत अली, हकूमूद्दीन के भवन ध्वस्त हो गए जबकि एक वृद्ध रहमत अली (90) लापता हो गए।
ग्रामीण प्रर्मिला देवी, मंजू देवी, बबली देवी के मकान और गोशालाएं मलबे में दब गई हैं। ग्रामीण लापता की तलाश में जुटे हैं। घटना के बाद डीएम पौड़ी डॉ. आशीष चौहान ने प्रभावित गांव का दौरा किया। वहीं ग्राम पंचायत सौड़ की प्रधान सैनू देवी ने बताया कि मालन नदी में आई बाढ़ से जायदा बेगम, रोशनी देवी, संगीता देवी की गोशालाएं और अमृत सरोवर बह गए। मलबे से जुड्डा गांव की पाइप लाइन व सिंचाई के पाइप मलबे में दब गए हैं।
लदोखी गांव में भी अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीण शुभम कुमार ने बताया कि राजेंद्र सिंह के मकान में मलबा भर गया जबकि सुरेंद्र सिंह के मकान में दरारें आ गई हैं। राजेंद्र नेगी, धीरज सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह नेगी, महावीर सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह रावत, भगत सिंह आदि के खेतों में मलबा भर गया है। उधर, सांसद प्रतिनिधि चंडी प्रसाद कुकरेती ने बताया कि अतिवृष्टि से ग्राम पंचायत जौरासी के राजस्व ग्राम जौरासी मल्ली चामापाणी के बीच मांगाधार रौली के ऊपरी हिस्से में हुए भूस्खलन से जौरासी मल्ली के लिए निर्मित जलसंस्थान की पेयजल लाइन व पेयजल टंकी बह गई है। भलाडांग तोक एवं पंचायत भवन जौरासी सहित राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौरासी व मां बालक्वांरी देवी मंदिर गदेरे को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अतिवृष्टि से जौरासी मल्ली के नौपाणी तोक में अरुण कुमार डबराल के घर पर, प्रवीन सिंह रावत, रोशन सिंह रावत के आंगन में दरारें आ गई हैं।
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