Independence Day : पीएम मोदी के हर घर तिरंगा आह्वान से हुई अब्दुल की चांदी, बाजार में अच्छे कारोबार की उम्मीद

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Tricolor call in every house made Abdul wealthier

तिरंगे की सिलाई में मसरूफ अब्दुल…
– फोटो : अमर उजाला

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स्वतंत्रता दिवस करीब है, ऐसे में लोगों में देशभक्ति की भावना हिलोरे लेने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किए गए हर घर तिरंगा अभियान का असर इस वर्ष भी खूब देखने को मिल रहा है। तिरंगा बनाने वाले व्यापारियों ने पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दो से तीन गुणा अधिक कारोबार होने का अनुमान लगाया है। ऐसे में व्यापारियों में उत्साह देखते ही बन रहा है। झंडे की बढ़ती मांग को देखते हुए इनके दाम में 20 से 30 प्रतिशत का उछाल देखने को मिल रहा है। 

मोदी के आह्वान से सदर बाजार के तिरंगा झंडा बनाने वाले व्यापारी अब्दुल गफ्फार की चांदी हो गई है। सदर बाजार में झंडे वाले चाचा के नाम से मशहूर 72 वर्षीय अब्दुल गफ्फार बताते हैं कि इस बार ग्राहक झंडों की मुंह बोली कीमत चुकाने को तैयार हैं। पिछली बार के मुकाबले इस बार तिरंगे झंडे के काफी ऑर्डर मिले हैं। यहां तक की कई ग्राहकों को समय न होने के चलते वापस लौटाना पड़ रहा है। वह बताते हैं कि इस वर्ष लगभग 50 लाख से अधिक के व्यापार की उम्मीद है।

डेढ़ हजार महिलाओं को मिल रहा रोजगार

झंडा सिलने वाले अब्दुल सलाम बताते हैं कि उनके यहां करीब डेढ़ हजार महिलाओं को रोजगार मिलता है। वह कहते हैं कि बाजार की रौनक देखते हुए इस बार अच्छे काम की उम्मीद है। आझंडा सिलने वाली सुनीता बताती हैं कि पहले वह घर में खाली बैठती थी, कई बार झंडा बनाने के लिए लोग आए लेकिन इस बार उन्हें अधिक आमदनी होनी की उम्मीद है। वह कहती हैं कि वह दिनभर में 50 के करीब झंडे सिल देती हैं। एक माह की कमाई उनकी सात से आठ हजार रुपये के करीब होती है। 

चाचा के झंडों ने देखा आपातकाल

बाजारों के साथ ही दिल्ली की सड़कें तिरंगा के रंग में रंगने लगी हैं। सदर बाजार के चूना मंडी की संकरी गलियों में बने छोटे-छोटे कमरों में बड़ी संख्या में झंडे सिले जा रहे हैं। यहां हरदोई, लखनाऊ, आगरा के कारीगर दिन-रात मेहनत कर झंडे सिल रहे हैं। यहां की गलियां तिरंगा रंग में रंगी नजर आ रही है। गफ्फार बताते हैं कि वह करीब 52 सालों से तिरंगा झंडा बना रहे हैं। उनके द्वारा बनाए गए तिरंगे ने आपातकाल, अटल वाजपेयी सरकार व अन्न हजारे के आंदोलन के दौर को भी देखा है। उन्होंने बताया कि भाजपा की स्थापना के समय भी उन्हीं के पास से पार्टी का झंडा बनकर भेजा गया था।  उन्होंने बताया कि पहले जहां 30 से 50 हजार झंडों का ऑर्डर आता था, लेकिन इस बार एक से डेढ़ लाख के ऑर्डर आए हैं। 

झंडारोहण की तैयारियां हुईं तेज : कॉलोनी से लेकर कार्यालयों में झंडारोहण की तैयारियां जोरो-शोरों से चल रही हैं। इसके साथ ही चौक-चौराहों व बाजारों में तिरंगा झंडा बिकने शुरू हो गए हैं। सदर बाजार में तिरंगा झंडा के साथ केसरिया, सफेद व हरे रंग से बनी चीजों की रौनक देखते ही बन रही है। हर जगह छोटे से लेकर बड़े झंडे बिकने लगे हैं। 

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