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आंखो का चेक अप करते हुए डॉक्टर
– फोटो : एजेंसी
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जम्मू शहर और आसपास के इलाकों में आई फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जीएमसी की नेत्र ओपीडी में रोजाना 70 प्रतिशत तक वायरल के मामले पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद डिस्पेंसरी में आई ड्रॉप नहीं है। डॉक्टरों द्वारा अधिकांश मरीजों को बाहर से दवा लिखकर खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। पीड़ितों का कहना है – अस्पताल की डिस्पेंसरी से आई ड्रॉप नहीं मिल रही। इस कारण मजबूरन पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
नेत्र ओपीडी में में आए जानीपुर के रोहित ने बताया कि गत दिवस आई फ्लू की शिकायत हुई। यहां दिखाया तो डिस्पेंसरी के स्टाफ ने आई ड्रॉप बाहर से लेने के लिए कहा दिया। पर्ची में कुछ दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाएं भी हैं। इसी तरह अखिल को भी बाजार से दवा खरीदनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि इस समय आई फ्लू कोविड की तरह फैला है, हालांकि यह जानलेवा नहीं है, लेकिन बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी जरूरी आई ड्रॉप डिस्पेंसरी में उपलब्ध होनी चाहिए। राजोरी के मोहम्मद आरिफ चश्मा लगाकर अस्पताल पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि अब तक सभी दवाएं बाहर से लेनी पड़ीं। तालाब तिल्लो के उत्कृष के अनुसार कुछ दिन पहले आंखों में अधिक परेशानी हो गई थी और डॉक्टर ने सभी दवाएं बाहर से लेने के लिए लिखा।
250 से 350 रुपये की मिल रही दवा
जीएमसी के बाहर दवा विक्रेता ने बताया कि डॉक्टर की पर्ची देखकर करीब 250 से 350 रुपये की दवा हर मरीज को दे रहे हैं। वहीं, डिस्पेंसरी में पूरी दवा निशुल्क है। कुछ दिन पहले नेत्र ओपीडी में मामूली गिरावट के साथ आई फ्लू के मामले 40-50 प्रतिशत पहुंच गए थे, लेकिन तीन दिन से दोबारा मामलों में उछाल देखा गया। सोमवार की 225 मरीजों की ओपीडी में 157 (70 प्रतिशत) मामले मिले।
खुद न करें इलाज
जीएमसी के नेत्र विभाग के एचओडी डॉ. अशोक शर्मा के अनुसार लोग खुद ही घरों पर 3 से 5 दिन तक इलाज कर रहे हैं। इससे उनकी आंखों की हालत अधिक खराब हो रही है। अगर परिवार या संबंधियों में किसी को आई फ्लू है तो अपने हिसाब से दवाई ले रहे हैं। जबकि पलकों व आंखों आदि पर आई फ्लू के असर के मुताबिक दवाई दी जाती है। इसी तरह बाजार में दवा विक्रेताओं द्वारा मनमर्जी से आई ड्रॉप बेची जा रही है।
अस्पताल आने वाले मरीजों को सभी सुविधाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं। अगर आई ड्रॉप की कमी है तो उसे पूरा किया जाएगा। -डॉ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी।
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