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मंडी जिले में केंद्रीय टीम ने लिया नुकसान का जायजा
– फोटो : संवाद
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बीते जुलाई में बाढ़ से कुल्लू जिला को भारी क्षति हुई है। बाढ़ से लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, बिजली बोर्ड सहित अन्य विभागों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। बाढ़ से हुए नुकसान का सत्यापन करने के लिए केंद्र की टीम कुल्लू पहुंच गई है। यह टीम यहां पर दो से तीन दिन तक रुकेगी। टीम में विशेषज्ञ शामिल हैं, जो नुकसान का फिर से आकलन करेंगे। इससे पहले भी केंद्र की एक टीम कुल्लू जिला के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुकी है। जुलाई में बाढ़ के बाद आई केंद्र की टीम मनाली से औट तक हुई तबाही को देखकर दंग रह गई थी। जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद ठाकुर ने कहा कि केंद्र की टीम कुल्लू में नुकसान का सत्यापन करेगी।
केंद्रीय दल ने किया घ्रांण और मांडल स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण
मंडी जिले में आपदा से हुए नुकसान को लेकर केंद्रीय जांच दल ने गुरुवार सुबह स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा किया। इस जांच दल का नेतृत्व आपदा परामर्शदाता केंद्रीय आपदा आकलन दल के डाॅ. अवनीत रंधावा, जिला कार्यक्रम अधिकारी मंडी डाॅ. पवनेश, चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरीश ने किया। जांच दल की ओर से सबसे पहले बाढ़ से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हेल्थ वेलनेस सेंटर घ्रांण के भवन और वैकल्पिक जगह पर चलाए जा रहे संस्थान का दौरा किया। दल ने लोगों से बातचीत भी की। इसके बाद यह दल खंड बल्ह क्षेत्र के रत्ती हेल्थ वेलनेस सेंटर मांडल पहुंचा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय दल तीन दिनों तक आपदा से प्रभावित सभी स्वास्थ्य संस्थानों का आकलन करेगा।
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