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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चंबा के चुराह में अवैध पेड़ कटान मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने विशेष टीम (एसआईटी) को आदेश दिए कि मामले की जांच 30 नवंबर 2023 तक पूरी की जाए। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने 7 दिसंबर को अनुपालना रिपोर्ट तलब की है।
याचिकाकर्ता कर्मचंद की ओर से जनहित में दायर याचिका का निपटारा करते हुए अदालत ने यह आदेश पारित किए। अदालत ने पाया कि इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। इसके अलावा शक्ति वन बीट में पेड़ों का अवैध कटान पाए जाने पर वन अधिनियम की धारा 32 और 33 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अदालत ने कहा कि इस याचिका का मकसद पूरा हो चुका है।बता दें कि अदालत ने पाया था कि 14 सूखे पेड़ों की स्वीकृति की आड़ में ठेकेदार झगड़ सिंह ने 57 हरे देवदार के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई है। वन विभाग ने शपथपत्र के माध्यम से अदालत को बताया गया था कि इस जुर्म के लिए ठेकेदार पर 16.67 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि चुराह वन मंडल के दायरे में आने वाले शक्ति जंगल में देवदार के पेड़ों पर अवैध रूप से कुल्हाड़ी चलाई गई है। इतना ही नहीं, काटे हुए पेड़ों के ठूंठों को जलाकर सुबूत मिटाने की कोशिश भी की गई थी।
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