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दर्शकों व छात्रों को हाथी पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विश्व हाथी दिवस के अवसर पर शनिवार को चिड़ियाघर में हाथियों को विशेष दावत दी गई। उन्हें खाने के लिए तरबूज, सेब, केले, नारियल, खीरा व खिचड़ी दी गई। यह दावत विशेष रूप से सजाकर परोसी गई थी। चिड़ियाघर में अभी तीन हाथी हैं। जिसमें दो एशियन नस्ल के हैं, जिसमें एक नर और एक मादा है। इनके नाम हीरागज और राजलक्ष्मी हैं। वहीं एक अफ्रीकन हाथी भी है, जिसका नाम शंकर है। इस अवसर पर दर्शकों व छात्रों को हाथी संरक्षण को लेकर जानकारी दी गई। हाथी पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
चिड़ियाघर की निदेशक आकांक्षा महाजन ने बताया कि विश्व हाथी दिवस मनाए जाने का उद्देश्य है कि लोगों को हाथियों के बारे में, उनके व्यवहार के बारे में जानकारी मिल सके। हाथियों को संरक्षित करेंगे, तो पूरा इको सिस्टम सुरक्षित होगा। बहुत सी वनस्पति और प्रजातियों के प्रजनन में बड़ा योगदान होता है।
बंगाल बाघ के शावकों की हुई पहचान
चिड़ियाघर में मई माह में जन्मे बंगाल बाघ के दो शावकों की पहचान की गई है। इनमें एक नर और एक मादा है। दोनों का पहला टीकाकरण किया गया है। सिद्धि और करण के यह दोनों शावक हैं। दोनों अपनी मां सिद्धि के साथ रह रहे हैं। नर शावकों को मिलाकर यहां दो नर बंगाल बाघ हो गए हैं।
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