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जेबीटी बेरोजगार प्रशिक्षित संघ।
– फोटो : अमर उजाला
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जेबीटी बेरोजगार प्रशिक्षित संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहित ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से एनसीटीई की अधिसूचना को रद्द करते हुए बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी भर्ती से बाहर करने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि एनसीटीई के इस काले कानून ने जेबीटी उम्मीदवारों के चार वर्ष और हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लाखों रुपये खर्च करवा दिए।
युवा प्रशासन और सरकार से उम्मीद करता है कि इस तरह के अधिसूचनाओं को लाने से पहले उन्हें सही तरह से जांच-परख कर भूमि पर उतारा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के फैसले से वर्ष 2018 से चले इस विवाद में अब विराम लग चुका है।
हाईकोर्ट ने भी बीएड उम्मीदवारों को नवंबर 2021 में जेबीटी भर्ती के लिए पात्र माना था। उस समय जेबीटी संघ ने हाईकोर्ट में उस फैसले पर रिव्यू डाल कर स्टे ले लिया था। इसके बाद से यह केस सुप्रीमकोर्ट तक जा पहुंचा था। इसे अब जेबीटी संघ पूरी तरह से जीत चुका है।
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