[ad_1]
Semiconductor: अमेरिकी एसआरएएम एंड एमआरएएम (SRAM & MRAM) ग्रुप की भारत में 30,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित अपने चिप विनिर्माण संयंत्र और एक परीक्षण यूनिट के लिए सेमीकंडक्टर निर्माता एसके हाइनिक्स (SK Hynix) और ग्लोबल फाउंड्रीज के साथ बातचीत आखिरी चरण में है. कंपनी के एक सीनियर अधिकारी ने यह जानकारी दी. एसआरएएम एंड एमआरएएम ग्रुप के चेयरमैन सैलेश लाचू हीरानंदानी ने मामले पर बात करते हुए बताया कि संयुक्त उपक्रम (जेवी) में उनके ग्रुप की हिस्सेदारी ज्यादा होगी. केंद्र से परियोजना के लिए मंजूरी लेने के वास्ते एक सप्ताह में आवेदन किया जाएगा.
एसके हाइनिक्स के साथ बातचीत
सैलेश लाचू हीरानंदानी ने आगे कहा कि, हम सिर्फ निवेशक साझेदार हैं. हम पहले से ही दक्षिण कोरिया की एसके हाइनिक्स के साथ बातचीत कर रहे हैं. भारत में वे हमारे साझेदार बनने जा रहे हैं. तकनीकी साझेदारों के पास सभी बौद्धिक संपदा (आईपी) हैं. एसके हाइनिक्स शीर्ष तीन वैश्विक मेमोरी या स्टोरेज सेमीकंडक्टर कंपनियों में से एक है. एसआरएएम एंड एमआरएएम ग्रुप ने ओडिशा में एक सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र और एक परीक्षण यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है.
एसआरएएम एंड एमआरएएम ग्रुप के प्रस्ताव को मंजूरी
सैलेश लाचू हीरानंदानी ने कहा, मेरे उपाध्यक्ष उनके (ग्लोबल फाउंड्रीज) साथ संपर्क में हैं. हम ग्लोबल फाउंड्रीज को अपने साथ जोड़ सकते हैं. ग्लोबल फाउंड्रीज चिप्स बनाती है और इसके ग्राहकों में क्वालकॉम (Qualcomm), मीडियाटेक (MEdiaTek), एनएक्सपी (NXP)आदि शामिल हैं. एसके हाइनिक्स और ग्लोबल फाउंड्रीज को ईमेल भेजकर इस संबंध में पूछा गया लेकिन खबर लिखने तक उनका कोई उत्तर नहीं मिला. ओडिशा सरकार ने पहले ही एसआरएएम एंड एमआरएएम ग्रुप के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
[ad_2]
Source link