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राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान 24 जून से 13 अगस्त तक 257 लोगों की मौत हो चुकी है। 290 घायल हुए हैं। अब तक 1376 घर ढह गए हैं। 7935 घरों को नुकसान पहुंचा है। 270 दुकानों व 2727 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। मानसून में अभी तक 7020.28 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। राज्य में भूस्खलन की 90 और अचानक बाढ़ की 90 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। शिमला में पेड़ गिरने, भूस्खलन से व्यापक नुकसान हुआ है। पूरे शहर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
सोमवार को बारिश के कहर के बीच शिमला में दो भूस्खलन और सोलन में बादल फटने से 16 से अधिक लोगों की मौत हो गई। समरहिल इलाके में एक शिव मंदिर ढह गया था और फागली इलाके में एक अन्य जगह जहां कई घर मिट्टी और कीचड़ के नीचे दब गए। अधिकारियों के मुताबिक कई और लोगों के फंसे होने की आशंका है।
सोलन जिले में बादल फटने से एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई है। रविवार रात बादल फटने से सोलन में दो घर बह गए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि छह लोगों को बचा लिया गया। सूचना के अनुसार गांव जडौण डाकघर में बादल फटने की घटना हुई। दो मकान और एक गोशाला बह गई। जडौण गांव में रती राम और इसके बेटे हरनाम के दो मकान भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें सात लोगों की मौत हो चुकी है।
चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। मृतकों में हरनाम (38), कमल किशोर (35), हेमलता (34), राहुल (14), नेहा (12), गोलू (8), रक्षा (12) शामिल हैं। एक महिला कान्ता देवी की टांग टूट गई है। उसे उपचार के लिए भेजा गया है। जबकि पांच लोग ठीक हैं। एसडीएम कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य ने यह जानकारी दी। इसके पड़ोस के गांव जाबल में गोशाला गिरने से पांच पशु मर गए। सोलन के अर्की की बलेरा पंचायत में मकान गिरने से 21 वर्षीय युवती और 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई है। सोलन के लौहारघाट पंचायत के गांव बानली में 65 वर्षीय महिला फूला देवी पत्नी सोहनू राम की भवन में दबकर मौत हो गई है।
उधर, मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के इलाका उत्तरशाल की ग्राम पंचायत सेगली के बंबोला में मलबा गिरने से एक रिहायशी मकान चपेट में आ गया। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई है।, जबकि पांच लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए बताए जा रहे हैं । नायब तहसीलदार कटौला हादसे की सूचना मिलते ही गांव को रवाना हो गए हैं। प्रशासन टीम टिहरी से होते हुए बंबोला रवाना हुई। क्लेशधार नामक गांव में हुए दर्दनाक हादसे में क्षतिगस्त मकान तुलसी राम पुत्र कोत राम का बताया जा रहा है। घायलों को निकालने में आसपास के सभी ग्रामीण राहत कार्यों में जुटे हैं। मलबे के नीचे से ओम प्रकाश पुत्र डोले राम, और उसके बेटे कनिक दो वर्ष का शव बरामद हो गया है। पत्नी विजय शांति गंभीर रूप से घायल है।
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